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पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
सिंधी रचनाकारों, प्रतियोगिता विजेताओं को सम्मानित - पुरस्कृत किया, ऑनलाइन सिन्धी भाषा पाठ्यक्रम, पुस्तकों और लोकगीतों के संकलन का लोकार्पण हुआ संस्कार और संस्कृति निर्माण की सेतु : सिन्धी भाषा
जयपुर 9 अप्रैल। भाषा कोई छोटी और बड़ी नहीं होती, सभी भाषाएं मां सरस्वती की वीणा से निकला स्वर है, जो मनुष्य को मनुष्यता से जोड़ता है। दुनिया से जुड़ने के लिए जितनी भाषा सीखी जाएं वो कम है लेकिन संस्कार और संस्कृति से जुड़ने के लिए अपनी भाषा को भूलने ना दे। ये उदगार जस्टिस जी. आर. मूलचंदानी ने सिंधी भाषा दिवस की पूर्व वेला पर राजस्थान सिन्धी अकादमी और राजकीय सिंधी माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्टी में व्यक्त किये। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वें जयन्ती वर्ष को समर्पित इस राज्य स्तरीय संगोष्ठी में विशिष्ट वक्ता के रूप में बोलते हुए हिन्दी एवं सिन्धी के साहित्यकार गोविंद शाम माया ने कहा कि सभ्यता का विकास भौतिक धरातल पर होता है किंतु संस्कृति का विकास आत्मिक धरातल पर होता है। इस अवसर पर राजस्थान सिन्धी अकादमी के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित पांच सिन्धी साहित्यकारों में रमेश रंगानी डॉ.जीवत केसवानी, डॉ माला कैलाश, सुश्री गायत्री और रिन्ने मीराजा की कहानी, लेख और मज़ाहिया विधा की पुस्तकों का ल्रोकार्पण किया गया। यह सभी पुस्तकें देवनागरी लिपि में प्रकाशित हुई हैं। इस अवसर पर सिन्धी त्यौहारों और विशेष अवसरों पर गाए जाने वाले लोकगीतो के संकलन का भी लोकार्पण किया गया। यह संकलन अहमदाबाद के वरिष्ठ सिन्धी साहित्यकार डॉ.जेठो लालवानी द्वारा राजस्थान सिन्धी अकादमी के लिए किया गया है। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा राज्य स्तरीय सिंधी काव्य प्रतियोगिता में चयनित विजेताओं में श्री हरीश करमचंदानी, लक्ष्मण पुरसवानी, नंदिनी पंजवानी, जयकिशन गुरबाणी और रोमा चांदवाणी को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। | सिन्धी भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अकादमी द्वारा तैयार किए गए ऑनलाइन सिन्धी भाषा पाठ्यक्रम का लोकार्पण भी आमजन के लिए किया गया। यह पाठ्यक्रम सिन््धी की व्याख्याता हिना सामनानी द्वारा प्रस्तुति तैयार किया गया है। सरल देवनागरी लिपि में तैयार इस पाठ्यक्रम से सिन्धी भाषा में रुचि रखने वाले लोगों को व्यापक लाभ होगा। इस अवसर पर सिन्न्धी भाषा में अध्ययनरत मेधावी छात्रों को प्रतीकात्मक छात्रवृत्ति का भी वितरण किया गया। इस राज्य उ्तरीय संगोष्ठी के विशेष अतिथि उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रदीप छुगानी थे एवं संगोष्ठी की अध्यक्षता समाजसेवी नारायणदास कैवलानी ने की। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य मधु कालानी ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया एवं कार्यक्रम का संचालन पूजा चांदवानी ने किया।
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