11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर भगवान धन्वंतरि का पूजन, स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद अपनाने का आह्वान
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आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
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आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित*
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर भगवान धन्वंतरि का पूजन, स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद अपनाने का आह्वान
बीकानेर, 23 सितम्बर। आयुर्वेद विभाग द्वारा बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन किया गया। इस अवसर पर जिला स्तर पर आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले औषधालयों, अधिकारियों एवं कार्मिकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. राधेश्याम ने की। उन्होंने अपने संबोधन में स्वस्थ जीवन के लिए दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया।
*उत्कृष्ट कार्य करने वाले औषधालय एवं कार्मिक सम्मानित*
इस अवसर पर श्रेष्ठ औषधालय संवर्ग में राजकीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) 22 केवाईडी एवं बाडेला, बीकानेर को सम्मानित किया गया।
चिकित्सक संवर्ग में डॉ. श्रवण सिंह शेखावत, डॉ. सुधांशु व्यास, डॉ. हरिराम शर्मा, डॉ. लक्ष्य बक्षी, डॉ. संदीप नाई, डॉ. संदीप कन्वाड़िया, डॉ. पवन गोदारा एवं डॉ. कुसुम शर्मा को सम्मानित किया गया।
नर्स/कम्पाउण्डर संवर्ग में दलीप सिंह, मनीषा शर्मा एवं महिमा, मंत्रालयिक संवर्ग में त्रिलोक राईका एवं प्रद्युम्न सिंह भाटी तथा परिचारक संवर्ग में पप्पु सिंह, पुरखाराम, शंकर सिंह एवं महेश चन्द्र जोशी को सम्मानित किया गया।
*23 सितम्बर को मनाया जा रहा राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस*
उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार पारीक ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई है। देशभर में 23 सितम्बर को आयुर्वेद दिवस मनाया गया।उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस प्रत्येक वर्ष 23 सितम्बर को मनाने की अधिसूचना जारी की गई थी। इससे पूर्व आयुर्वेद दिवस धनतेरस अर्थात भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर मनाया जाता था।
*शोध एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर*
सहायक निदेशक डॉ. रिडमल सिंह राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के तहत आयुर्वेद को शोध, प्रमाण-आधारित चिकित्सा, नवाचार एवं एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही आयुष सेवाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
कार्यक्रम में चिकित्सक डॉ. विनीत कुमार बागड़ी, डॉ बादर राम प्रजापत, डॉ. इरशाद रफीक, प्रशासनिक अधिकारी रामकिशोर शर्मा सहित विभागीय अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।






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