बाबा रामदेवजी का मेला : सुजानदेसर में श्रद्धालुओं की कतार शहर - मंदिरों में जयकारों की गूंज, जागरण जम्मा व भंडारे

सर्राफा बाजार, सार्दुल गंज, मुक्ता प्रसाद रामपुरा मार्ग, जस्सोलाई, भट्टोलाइ, विश्वकर्मा गेट के बाहर, चूनगरों का चौक, शीतला गेट के बाहर, नोखा रोड, करमीसर, बंगलानगर, गंगाशहर मार्ग पर आदिनाथ भवन के सामने की गली, नत्थूसर गेट के अंदर सहित विभिन्न स्थानों के बाबा रामदेवजी के मंदिर में सजावट की गई। गंगाशहर के बोथरा चौक के रामदेवजी मंदिर, जवाहर नगर में नव जीवन अस्पताल के पीछे, मुक्ता प्रसाद रामपुरा मार्ग पर स्थित रामदेवजी के मंदिरों में भंडारे का आयोजन हुआ। 
👇 बाबा रामदेवजी का मेला : सुजानदेसर में श्रद्धालुओं की कतार 
शहर - मंदिरों में जयकारों की गूंज, जागरण जम्मा व भंडारे 

औरों से हटकर सबसे मिलकर





bahubhashi.blogspot.com
गतिविधियां, वक्तव्य, विश्लेषण

खबरों में बीकानेर


✒️@Mohan Thanvi


Affiliate Disclaimer : "नोट: इस पोस्ट में कुछ एफिलिएट लिंक्स शामिल हैं। अगर आप इन पर क्लिक करके कुछ खरीदते हैं, तो मुझे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के छोटा सा कमीशन मिल सकता है।" - मोहन थानवी (खबरों में बीकानेर) औरों से हटकर सबसे मिलकर

https://bahubhashi.blogspot.com

https://bahubhashi.blogspot.com




बाबा रामदेवजी का मेला : सुजानदेसर में श्रद्धालुओं की कतार 
शहर - मंदिरों में जयकारों की गूंज, जागरण जम्मा व भंडारे 

बीकानेर, 21 सितम्बर। लोक देवता बाबा रामदेवजी की दशम पर सोमवार को शहरी व गामीण क्षेत्र का माहौल बाबा रामदेव मय रहा। अनेक श्रद्धालुओं ने सुबह चार बजे से देर रात तक बाबा राम देवजी के मंदिरों में दर्शन वंदन किया। अनेक मंदिरों में जागरण-जम्मा, भंडारे का आयोजन हुआ। सुजानदेसर में विशाल मेला भरा जो मंगलवार को भी रहेगा।
देवसी दास कच्छावा (माली) के पांचवीं पीढ़ी के पुजारी किशन कच्छावा, ने बताया कि मंदिर में सुबह चार बजे से ही आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों व बीकानेर शहर, गंगाशहर, भीनासर, किसमीदेसर, करमीसर, श्रीरामसर, नाल, नापासर, देशनोक आदि स्थानों से बड़ी संख्या में नर-नारी बाबा रामदेव का जयकारा लगाते हुए हाथ में ध्वजा लिए हुए पैदल, ऊंट गाड़ों व विभिन्न वाहनों से पहुंचने शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने मंदिर में बाबा रामदेवजी के साथ डाली माई, मंदिर के संस्थापक संत हीरा नंदजी, देवसी दासजी व उनकी गुरु की प्रतिमा पर दर्शन किए तथा मंदिर के पीछे स्थित खेजड़ी में अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए मोळी बांधी। मेला व दर्शनार्थियों की कतार सुबह चार बजे से दोपहर करीब एक बजे तक व दोपहर तीन बजे से रात दस बजे तक परवान पर थी। श्रद्धालुओं ने मंदिर में नारियल, ध्वजा, प्रसाद आदि सामग्री चढ़ाई तथा परिक्रमा की। मेला स्थल पर खान पान की वस्तुए, चक्री व डोलर झूले, प्रसाद आदि की दुकानें लगी थी।
पद यात्रियों के लिए नत्थूसर गेट के बाहर, श्रीरामसर, सुजानदेसर, गंगाशहर से सुजानदेसर मार्ग पर अनेक सामाजिक एवं स्वयं सेवी संगठनों ने पैदल यात्रियों के लिए शीतल जल, शिंकजी, दही की लस्सी, पकौड़ी, चाय आदि की निःशुल्क व्यवस्था की। सेवा स्थल पर डीजे पर बाबा रामदेवजी के भजन गाए जा रहे थे, उन भजनों के साथ कुछ श्रद्धालु नृत्य कर रहे थे। मंदिर में विशेष सजावट की गई। सुजानदेसर में पुलिस प्रशासन के साथ संत हीरा नंदजी, देवसी दासजी वंश पुजारी निजी प्रन्यास के सदस्यों व अनेक स्वयं सेवी संगठनों के सदस्यों ने शांति एवं व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी।  
संत हीरा नंदजी, देवसी दासजी वंश पुजारी निजी प्रन्यास के पांचवीं पीढ़ी के सदस्य हरीराम कच्छावा ने बताया कि सुजानदेसर का यह मंदिर करीब साढ़े तीन सौ वर्ष प्राचीन है, विक्रम संवत 1774 यानि 309 वर्ष पूर्व संत हीरानंदजी व देवसी दासजी को रामदेवजी का पर्चा हुआ और उन्होंने अपने पर्चे के अनुसार तत्कालीन बीकानेर रियासत के राजा जोरावर सिंह को जात व दर्शन लगाने के लिए प्रेरित किया। राजा जोरावर सिंह ने अपने बोलवे की बजाए सुजानदेसर मंदिर में जात लगाई तथा भेंट चढ़ाई। करीब एक सप्ताह तक बाबा रामदेवजी के मंदिर में प्रसाद का भोग लगाकर ग्रामीणों को भंडारे का प्रसाद प्रदान किया।

बीकानेर के सुजानदेसर के साथ नाल की खेजड़ी वाले बाबा रामदेवजी मंदिर में बाबा रामदेवजी की दशमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से पैदल पहुंच कर दर्शन किए। नाल में खेजड़ी वाले बाबा रामदेवजी के मंदिर के आगे भी मेले का सा माहौल था।

बीकानेर शहर के सर्राफा बाजार, सार्दुल गंज, मुक्ता प्रसाद रामपुरा मार्ग, जस्सोलाई, भट्टोलाइ, विश्वकर्मा गेट के बाहर, चूनगरों का चौक, शीतला गेट के बाहर, नोखा रोड, करमीसर, बंगलानगर, गंगाशहर मार्ग पर आदिनाथ भवन के सामने की गली, नत्थूसर गेट के अंदर सहित विभिन्न स्थानों के बाबा रामदेवजी के मंदिर में सजावट की गई। गंगाशहर के बोथरा चौक के रामदेवजी मंदिर, जवाहर नगर में नव जीवन अस्पताल के पीछे, मुक्ता प्रसाद रामपुरा मार्ग पर स्थित रामदेवजी के मंदिरों में भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजन से जुड़े अंशुल तंवर ने बताया कि भंडारा स्थल पर बाबा रामदेवजी की जोत व आरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जात-पांत, ऊंच नीच का भेद भूलकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। हिन्दुओं ने बाबा रामदेवजी तथा मुस्लिम रामसा पीर के रूप् में मानने के कारण सुजानदेसर सहित अनेक स्थानों पर बाबा रामदेवजी की समाधि व मंदिरों में मुस्लिम श्रद्धालु भी शीश झुकाई। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेवजी के मंदिर में ध्वजा, नारियल, प्रसाद आदि सामग्री चढ़ाए तथा परिक्रमा की। 

Comments