BKN event 3 : आईपीएस ऋषिराज सिंह की पुस्तक ‘यूपीएससी परीक्षा की 34 रणनीतियां’ का केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने किया लोकार्पण
यूपीएससी परीक्षा की 34 रणनीतियां, डॉ. को धन्वंतरि पुरस्कार, आयुर्वेद दिवस पर सेमिनार और कार्यक्रम
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बीकानेर : मोहन रामचंद्र थानवी (रामदेव) परिवार द्वारा 23वां गणेश महोत्सव पर बीते शुक्रवार 18 सितंबर 2026 को ईको फ्रेंडली (कपिल सरोवर की पवित्र मृदा से निर्मित) "मोहक गणेश" जी का विसर्जन के दौरान का पल 🙏
BKN event 3 : आईपीएस ऋषिराज सिंह की पुस्तक ‘यूपीएससी परीक्षा की 34 रणनीतियां’ का केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने किया लोकार्पण
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डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी को राज्य स्तरीय धन्वंतरि पुरस्कार-2026 से किया सम्मानित
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आयुर्वेद दिवस पर सेमिनार सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित
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डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी को राज्य स्तरीय धन्वंतरि पुरस्कार-2026 से किया सम्मानित
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आयुर्वेद दिवस पर सेमिनार सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित
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आईपीएस ऋषिराज सिंह की पुस्तक ‘यूपीएससी परीक्षा की 34 रणनीतियां’ का केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने किया लोकार्पण
नई दिल्ली। रिटायर्ड डीजीपी एवं वर्ष 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी ऋषिराज सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘यूपीएससी परीक्षा की 34 रणनीतियां’ का भव्य लोकार्पण केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल के दिल्ली स्थित निवास पर आयोजित समारोह में हुआ। केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने पुस्तक का लोकार्पण किया।
यह पुस्तक राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अमीनुद्दीन को समर्पित है। डॉ. अमीनुद्दीन मध्यकालीन इतिहास के प्रसिद्ध प्रोफेसर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल और आईपीएस श्री ऋषिराज सिंह को यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया था। उनके मार्गदर्शन से प्रेरणा लेकर श्री ऋषिराज सिंह आईपीएस अधिकारी बने। पुस्तक को अपने गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
समारोह में केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने अपनी सिविल सेवा यात्रा के अनुभव साझा करते हुए यूपीएससी अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा में धर्मपत्नी और गुरु के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने अपनी पुस्तकों ‘एक सफर हमसफर के साथ’ और ‘पचपन और बचपन’ का जिक्र करते हुए कहा कि किताबें पढ़ना व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऋषिराज सिंह की यह पुस्तक यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए एक सेतु का काम करेगी और उन्हें कठिनाइयों का सामना करने के लिए मार्गदर्शन एवं हौसला देगी। केंद्रीय मंत्री ने ऋषिराज सिंह को पुस्तक के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम का संचालन प्रभात प्रकाशन के निदेशक श्री प्रभात कुमार ने किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों का परिचय करवाते हुए उनके जीवन के अनुभवों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल स्वयं लेखक हैं और उन्होंने अपनी जीवनसंगिनी पर ‘एक सफर हमसफर के साथ’ पुस्तक लिखी है। उन्होंने बताया कि लेखक श्री ऋषिराज सिंह वर्ष 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं और उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभवों के आधार पर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए 34 रणनीतियां पुस्तक में प्रस्तुत की हैं।
रिटायर्ड डीजीपी श्री ऋषिराज सिंह ने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए वर्ष 1985 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी से जुड़े अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि पुस्तक में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए 34 रणनीतियां दी गई हैं, जिनके माध्यम से अभ्यर्थी अपनी तैयारी को बेहतर और रणनीतिक बना सकते हैं। पुस्तक में परीक्षा प्रक्रिया, क्या पढ़ना है, परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन के साथ प्रश्नों के उत्तर कैसे देने हैं तथा व्यक्तित्व परीक्षण यानी इंटरव्यू की तैयारी कैसे करनी है, जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए गए हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के भास्कराचार्य कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री भवानी शंकर कुमावत ने भी पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने यूपीएससी तैयारी के अनुभव साझा करते हुए अभ्यर्थियों के लिए पुस्तक की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि यूपीएससी में सफलता के लिए केवल कठिन परिश्रम पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा, सुव्यवस्थित रणनीति, निरंतरता, समय का सदुपयोग, परीक्षा की प्रकृति को समझना और अपनी गलतियों से सीखने की क्षमता भी आवश्यक है। इस दृष्टि से यह पुस्तक अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में प्रभात प्रकाशन की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया गया।
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*डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी को राज्य स्तरीय धन्वंतरि पुरस्कार-2026 से किया सम्मानित*
बीकानेर, 24 सितम्बर। 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार 23 सितंबरको जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में राज्य स्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया।समारोह में आयुर्वेद विभाग, बीकानेर के कार्यालय अतिरिक्त निदेशक में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी को उनके उत्कृष्ट कार्य, विभागीय सेवाओं एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘ऑफिसर ग्रेड’ श्रेणी में राज्य स्तरीय धन्वंतरि पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया।
आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ राधेश्याम ने बताया कि इस अवसर पर आयुष विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री सुबीर कुमार, शासन उप सचिव श्री गोपाल परिहार, निदेशक डॉ. आनन्द कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) सुश्री ज्योति ककवानी, आयुर्वेद मनीषी श्री कृष्ण खंडेल एवं सेवानिवृत्त आईएफएस श्री दीप नारायण पांडे सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी श्री मनोहर सिंह भाटी एवं श्रीमती कंचन देवी के सुपुत्र हैं। उनकी पत्नी डॉ. सुषमा सिंह भी आयुर्वेद विभाग में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी के पद पर सेवाएं दे रही हैं।
डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी को राज्य स्तरीय धन्वंतरि पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर उनके परिवारजनों श्री करणी सिंह, श्री गोविन्द सिंह सहित आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है। सभी ने डॉ. भाटी को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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*राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर सेमिनार सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित*
बीकानेर, 24 सितम्बर। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय द्वारा राजस्थान पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के सभागार में आयुर्मन्थन सेमिनार का आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथि कुलगुरू डॉ. सुमन्त व्यास थे।
उन्होंने आयुर्वेद को भावी भारत की आवश्यकता बताया एवं युवा विद्यार्थियों का आह्वान किया कि युवा वर्ग एवं किशोरों को योग व भारतीय जीवन शैली से जोड़ें।
कार्यक्रम में शिवबाड़ी अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानन्द महाराज ने आयुर्वेद को भारतीय ज्ञान परम्परा का प्रमुख स्तम्भ बताया। उन्होंने अपने युवा वर्ग को देश का का भविष्य बताया और कहा कि समाज में आयुर्वेद व योग द्वारा नवीन चेतना को जागृत करें।
सेमिनार में पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रमुख अन्वेषक डॉ अशोक गौड़ ने पशु चिकित्सा में आयुर्वेद विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैदिक युग से भारत में अंग्रेजों के आगमन से पूर्व तक पशु चिकित्सा में आयुर्वेद के आधार के विषय में वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किए।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि सेमिनार के तकनीकी सत्र के बाद छात्र-छात्राओं द्वारा योग नृत्य सहित अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
इससे पूर्व आयुर्वेद दिवस सप्ताह के अन्तर्गत महाविद्यालय द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता के लिये रैली का आयोजन, नेत्रों के स्वास्थ्य की जाँच के लिये विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की आँखों की जांच कर परामर्श चिकित्सालय में रोगियों 450 से अधिक रोगियों की निःशुल्क जॉच औषधि व परामर्श दिया गया।
महाविद्यालय के आयुर्वेद दिवस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ महेन्द्र कस्वां ने बताया कि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के मध्य रंगोली, पोस्टर प्रजेंटेशन, क्विज एवं निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित कर श्रेष्ठ प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।






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