बीकानेर । यज्ञ से प्रदूषण कम होकर वातावरण शुद्ध होता है जिससे व्यक्ति का तन व मन भी स्वस्थ्य होता है ये उद्गार आशापुरा मन्दिर में चल रहे शत चण्डी महायज्ञ में योगी विलसनाथ जी ने व्यक्त किये । योगी विलासनाथजी ने कहा कि यज्ञ करें व यज्ञ करावे ये दोनों प्रक्रिया ब्राह्मण को निरन्तर चालू रखनी चाहिये । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा 'भैरु' ने कहा कि यज्ञ हवन पूजा नमस्कार की आदत बचपन से शुरू करें ।
अम्बे मंडल के ने बताया कि यज्ञ में आज प. द्वारा शत चण्डी यज्ञ में यंत्र पूजा बिंदु,त्रिकोण,वृत,चतुरश,
स्थापित कर पात्र पूजा की गई तथा देवी की आवरण पूजा करवाने के पश्चात
मंडप देवता ,वास्तु,भैरव योगिनी,नव ग्रह,षोडशमातृका,सर्वोतरभद्र,गौ री तिलक पूजा कर दुर्गा शप्त शती के मन्त्रो व बीज मन्त्रो से आहुतियां दिलाई ।

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