रब वसदा उस घर ...

निक्की जई कुड़ी  

 रब वसदा उस घर
जिस घर विच होवे
 इक निक्की जई कुड़ी
जेड़े वेले वेखो
खेडदी कुडदी
खिलदी खिलाँदी
 रोन्दी पर
 रोण नीँ डेन्दी
वडे वडाँ वास्ते
तकलीफाँ दूर करण लई
इक इ दवा दी पुड़ी
 इक निक्की जई कुड़ी
 जेठ विच जदोँ तपदी दुपैरी
  झल झल पखा
थक जान्दी दादी
 राणी जगदी
सोन्दी बान्दी
 वेड़े विच खेडदी
नचदी टपदी
बण आन्दी ठँडी हवा
 दे जान्दी निन्दर दा झोँका
इक निक्की जई कुड़ी
 निक्के काके दी हँसी
पापे दी खुशी
माँ दी लाड़ली
भरावाँ दी अखाँ दा तारा
बुआ लई गुड्डे दी गुड्डी
 इक निक्की जई कुड़ी
ताँ ई ताँ केन्देन साडे बाबा
रब वसदा उस घर
जिस घर विच होवे
इक निक्की जई कुड़ी

Comments

Popular posts from this blog

पशुपतिनाथ : नेपाल के लिए पहली हवाई तीर्थ यात्रा पर 43 वरिष्ठ नागरिकों पहला दल रवाना पशुपतिनाथ दर्शन का सपना सच बीकानेर व चूरू जिले से 28 जूलाई तक कुल 382 यात्री पशुपति नाथ जी के दर्शन कर सकेंगे

दिल्ली में ट्रेने प्रभावित, हिसार, रेवाड़ी की ये कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी

नवनियुक्त थाना अधिकारी विक्रम तिवारी का अभिनंदन स्वागत- अग्रवाल समाज चेतना समिति द्वारा