बीकानेर में पहली बार दिखी ऐसी दौड़, जिसमें हर धावक ने पूरी की अपनी रन 500 से अधिक युवाओं ने सुबह 4:30 बजे जुटकर दिया नशे के खिलाफ मजबूत संदेश
“दौड़ का असली मतलब केवल दौड़ शुरू करना नहीं, बल्कि मंजिल तक पहुंचना है। BAD Run ने बीकानेर के युवाओं को यही संदेश दिया—जिस ऊर्जा से युवा 21 किलोमीटर दौड़ सकता है, उसी ऊर्जा से वह नशे को भी अपने जीवन से बाहर कर सकता है।”
CA सुधीश शर्मा
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बीकानेर में पहली बार दिखी ऐसी दौड़, जिसमें हर धावक ने पूरी की अपनी रन
500 से अधिक युवाओं ने सुबह 4:30 बजे जुटकर दिया नशे के खिलाफ मजबूत संदेश
बीकानेर।
रविवार की सुबह बीकानेर में कुछ अलग थी। सुबह 4:30 बजे जब शहर का अधिकांश हिस्सा नींद में था, तब 500 से अधिक युवा एक उद्देश्य के साथ एकत्रित हो चुके थे—दौड़ना भी है और समाज को नशे के खिलाफ संदेश भी देना है।
बीकानेर रन क्लब और बीकानेर पुलिस के संयुक्त प्रयास से आयोजित BAD Run — Bikaner Against Drugs बीकानेर में आयोजित होने वाली सामान्य प्रतीकात्मक रनों से बिल्कुल अलग रही।
इस दौड़ की सबसे खास बात यह थी कि यह केवल नाम की रन नहीं थी। सामान्यतः कई आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित किया जाता है, कुछ दूरी तक चलाया जाता है और उसे रन का नाम दे दिया जाता है। लेकिन BAD Run में ऐसा नहीं हुआ। 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर—जिस दूरी के लिए धावक आया, उसने उसे पूरा किया।
यही कारण रहा कि इस आयोजन ने बीकानेर में रनिंग की एक नई और गंभीर तस्वीर प्रस्तुत की।
इस अवसर पर बीकानेर के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं 21 किलोमीटर की पूरी दौड़ पूरी कर युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाया। IAS अधिकारी एवं BDA आयुक्त सिद्धार्थ ने भी दौड़ में भाग लेकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। अधिकारी हों या युवा धावक—इस आयोजन में संदेश देने के साथ-साथ दौड़ को वास्तव में पूरा करने का जज्बा दिखाई दिया।
यह दृश्य केवल एक खेल आयोजन का दृश्य नहीं था। यह बीकानेर के युवाओं की बदलती सोच का संकेत था।
नशे के खिलाफ दौड़ता बीकानेर
BAD — Bikaner Against Drugs केवल एक रन का नाम नहीं, बल्कि एक विचार है।
आज जब नशा युवाओं और समाज के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है, ऐसे समय में युवाओं का सुबह-सुबह सड़कों पर दौड़ना अपने आप में एक मजबूत संदेश है—
नशे की ओर नहीं, खेल की ओर।
नशे की ओर नहीं, फिटनेस की ओर।
नशे की ओर नहीं, जीवन की ओर।
इस आयोजन में पुलिस की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। जब पुलिस और युवा एक साथ मैदान में दिखाई देते हैं तो उसका संदेश केवल मंच से दिए गए भाषण से कहीं अधिक प्रभावी होता है।
बीकानेर रन क्लब ने इस आयोजन को केवल आयोजन बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि इसे वास्तविक रन का स्वरूप दिया। यही इसकी सबसे बड़ी सफलता रही।
बीकानेर के रविवार बदल रहे हैं
दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव केवल BAD Run तक सीमित नहीं है। बीकानेर में अब हर रविवार युवाओं की ऊर्जा अलग-अलग सकारात्मक गतिविधियों में दिखाई देने लगी है।
कहीं युवा दौड़ रहे हैं, कहीं Hour for Nation के साथ सामूहिक श्रमदान हो रहा है, कहीं बच्चे और अभिभावक खेल गतिविधियों में भाग ले रहे हैं और कहीं पार्कों में संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से माहौल जीवंत हो रहा है।
सबसे अच्छी बात यह है कि प्रशासन और पुलिस भी इन सकारात्मक प्रयासों को सहयोग दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि शहर ने यह समझना शुरू कर दिया है कि युवाओं को केवल उपदेश देने से नहीं, उन्हें सकारात्मक गतिविधियों के अवसर देने से बदलाव आएगा।
BAD Run ने इसी सोच को एक कदम आगे बढ़ाया है।
बीकानेर के लिए यह गर्व की बात हो सकती है कि यहां के युवा अब केवल सोशल मीडिया पर फिटनेस और नशामुक्ति की बातें नहीं कर रहे, बल्कि सुबह 4:30 बजे उठकर सड़कों पर दौड़कर उसका संदेश दे रहे हैं।
यह दौड़ शायद एक दिन की घटना हो, लेकिन इसका संदेश लंबा चलना चाहिए—
“बीकानेर का युवा दौड़ेगा, आगे बढ़ेगा और नशे को पीछे छोड़ेगा।”
यही BAD Run की असली जीत है।
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