Friday, November 16, 2012

बचपन की दोस्ती और किशोरवय की मोहब्बत


भुलाने लगे कोई जब तो...
ठहरे हुए पानी में...
कंकर मार कर ...
हिलोरे उठाना, बताना...
बचपन की दोस्ती और...
किशोरवय की मोहब्बत...
कम नहीं होती ताउम्र ...
... वो भी जानते हैं...
ये सब...
फिर भी...
रहते क्यों दूर दूर...
... बता दो कोई उन्हें ये...
सपने देखे हैं---
 उनकी भी आंखों में---
हमने भरपूर !