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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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राजकीय सादुल उच्च माध्यमिक विद्यालय मंे विज्ञान मेला
बीकानेर 12 अक्टूबर। विज्ञान में संभावना हैं और इसके माध्यम से नई खोज कर परिणाम तक पहँुच सकते हैं तथा नई खोज की पद्धतियों का अविष्कार कर राष्ट्र को आगे बढ़ा सकते हैं। बीकानेर मण्डल की संयुक्त निदेशक श्रीमती देवलता चांदवानी ने जिला स्तरीय विज्ञान मेले के समापन अवसर पर उपस्थित बच्चों और शिक्षको को सम्बोधित करते हुए ये उदगार व्यक्त किए।
श्रीमती देवलता चांदवानी ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन वैज्ञानिक खोज के कार्य करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा. (मुख्यालय), बीकानेर ने अपने उदबोधन में कहा कि बच्चें विज्ञान विषय के माध्यम से प्रयोग कर नई खोज के माध्यम से स्वंय का विद्यालय का राष्ट्र का नाम ऊँचा करें तथा कलाम के द्धारा किए गए ।विज्ञान के अविष्कारों का अध्ययन भी करें और उस पर भी अमल करते हुए अधिक रूचिकर तरीके से प्रयोग करें।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत संयुक्त निदेशक विजय शंकर आचार्य ने कहा कि आने वाले वर्षो में आयोजित होने वाले विज्ञान मेले में और अधिक हिस्सेदारी बढ़ाते हुए शिक्षक भी विज्ञान के प्रयोगों के लिए बच्चों को प्रेरित करें।
मेले के संयोजक और प्रधानाचार्य डाॅ सोनिया शर्मा ने तीन दिवसीय मेले की विस्तृृत रिर्पेाट प्रस्तुत की तथा मेले के दौरान किए गए प्रदर्शन? क्विज, सेमिनार में किए गए कार्यांे के बारे में जानकार दी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ट अध्यापक सुभाष जोशी ने बताया कि विज्ञान मेले में सीनीयर वर्ग के प्रदर्शन में 6 प्रतियोगिताओं के साथ क्विज, प्रतियोगिताओं के साथ-साथ शिक्षकों के लिए सेमिनार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बीकानेर जिले की 70 विद्यालयों के 175 बच्चों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया की मेले का आकर्षण राजकीय.मुकबधिर विद्यालय के बच्चों का प्रस्तुत माॅडल रहें।
कार्यक्रम के समन्वय के.के. व्यास ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि जिला स्तरीय विजेता प्रथम बच्चे राज्य स्तरीय मेले में हिस्सा लंेगे। उन्होंने बताया कि विजेता रहे बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।
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डूंगर काॅेलेज में प्रोफेसर पैरेन्ट कार्यक्रम आयोजित
डाॅ कौशिक ने कहा कि इस सत्र में उच्च शिक्षा विभाग ने कई नवाचार किये हैं, जिसके तहत ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्हांेने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी शिक्षक एवं माता - पिता में परस्पर संवाद हुआ जिससे उच्च शिक्षा में गुणवत्ता हो सकेगी।
डाॅ. ए.के.यादव ने विद्यार्थियों से शिक्षण के अतिरिक्त खेल-कूद में अधिकाधिक भाग लेने की अपील की। सहायक निदेशक डाॅ. राकेश हर्ष ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम के माध्यम से निश्चित रूप से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार सम्भव हो सकेगा। रूक्टा के महामंत्री डाॅ. वी.के.ऐरी ने भी अपने विचार रखे।
बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा मिति गोस्वामी के पिता डाॅ. कहा उज्जवल गोस्वामी ने कहा कि महाविद्यालय में शिाक्षण के अतिरिक्त सह शैक्षणिक गतिविधियां भी निरंतर आयोजित होती हैं ,जिसे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सम्भव हो सकेगा। इस अवसर पर डाॅ. हरभजन कौर, डाॅ. राजकुमार ठठेरा तथा श्रीमती भारती सोंलकी आदि अनेक अभिभावकों ने अपने विचार प्रकट किये। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। अभिभावकों ने एक स्वर में यह अपील भी कि विद्यार्थियों को कुछ अंतरात मिलना चाहिये तथा बैठने की माकूल व्यवस्था भी होनी चाहिये।
प्राचार्य डाॅ. सतीष कौशिक ने कहा कि इन सभी विचारों को अमल में लाने के हर सम्भव प्रयास किये जाएंगे तथा आगामी बैठक 19 नवम्बर को आयोजित की जावेगी।
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