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दाल मिलर्स व्यापारियों के लिए आयात नीति उचित, मटर आयात लाइसेंस जल्द जारी हों, ऑल इण्डिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और बीकानेर से अशोक कुमार वासवानी सहित प्रतिनिधि मंडल दिल्ली पहुंचा
विदेशों से तुअर, उड़द, मूंग दलहन आयात के संबंध में चर्चा के लिये प्रतिनिधि मण्डल दिल्ली
देश की दाल मिलों द्वारा तुअर, उड़द, मंूग दलहन आयात के संबंध में चर्चा के लिये भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय, नई दिल्ली के डायरेक्टर श्री के.सी. राउतजी एवं अन्य अधिकारी बैठक संपन्न हुई 11.10.2019 को
यह जानकारी देते हुए आॅल इण्डिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल और बीकानेर से श्री अशोक कुमार वासवानी ने बताया कि विदेश व्यापार महानिदेशालय, नई दिल्ली तुअर, उड़द, मंूग दलहन आयात के लिये दाल मिलों को जो कोटा आंवटित किये गये हैं और आयात संबंधी विभिन्न मुद्दो पर चर्चा की गई। मीटिंग में संस्था की ओर से सरकार द्वारा वर्तमान में दलहन आयात की जो समय सीमा निर्धारित की है, उसे बढ़ाने और दाल मिलर्स को आयात में होने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान करने के लिये चर्चा की
(1) डी.जी.एफ.टी. के द्वारा मीटिंग में यह बताया गया कि जिन-जिन लोगों को आयात के लायसेंस दिये गये हैं, तुअर, उडद, मूंग दिनंाक 31.10.2019 तक मंगवा लेवे सभी संस्था अपने-अपने सदस्यों का पूरा डाटा बनाकर डी.जी.एफ.टी. को भिजवा देवें।
(2) वर्तमान में सरकार द्वारा दलहन आयात की अवधि 31.10.2019 निर्धारित की गई है, 30.12.2019 करना चाहिये, जिससे तुअर, उड़द, मुंग के आयात का निर्धारित कोटा दाल मिलर्स मंगवा । जहाज रवाना होने पर रास्ते में क्राॅसिंग के कारण पोर्ट पर जगह नहीं मिलने पर जहाज लेट हो जाते हैं, जिससे अनेक व्यापारी चितिंत होकर माल नहीं मंगवा पा रहे हैं।
(3) मटर आयात के लायसेेंस भी अभी तक नहीं दिये गये हैं, जबकि सरकार के नोटिफिकेशन नम्बर 06/2019-20 दिनंाक 16.04.2019 के द्वारा सूचना जारी की गई थी और अनेक दाल मिल व्यापारियों ने समयावधि में मटर आयात के लायसेेंस के आवेदन कर दिये थे किन्तु, ना तो अभी तक लायसेेंस जारी किये गये हैं और ना ही व्यापारियों की फीस वापिस की गई हैं। अतः जिन व्यापारियों ने मटर आयात के लायसेेंस के आवेदन दिये हैं उन्हें अतिशीघ्र मटर आयात का कोटा जारी किया जाना चाहिये।
(4) वर्तमान में मध्यप्रदेश में अति वृष्टि के कारण खास करके उड़द दलहनों की फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिये देश में कम-से-कम एक लाख मीट्रिक टन उड़द का अतिरिक्त आयात करना चाहिये, जिससे कि मार्च 2020 तक उड़द दाल मिलें कारखानों में उत्पादन सुचारू रूप कर सकें।
(5) देश अलग-अलग राज्यों के कुछ व्यापारियों को उच्च न्यायालय द्वारा स्टे दिये गये है वे व्यापारी स्टे के माध्यम से आयात कर रहे है उनके विरूद्ध भारत के सरकार को सुप्रीम कोर्ट मे अपील करना चाहिये।
(6) दाल मिलर्स व्यापारियों को जो आयात की पाॅलिसी भारत सरकार द्वारा बनाई गई वह उचित एवं सही है। संस्था ने इसे आगे भी दाल मिलर्स व्यापारियों के लिए जारी रखने का अनुरोध किया।
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