खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 / twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें
.. 👇
दम्पतियों के लिए आवश्यक जानकारी : दो बच्चों में अंतर के लिए 3 माह में एक बार अंतरा इंजेक्शन
👇
👇 👇 👇 👇 👇 👇
विज्ञापन के लिए संपर्क करें 📞 आपके विज्ञापन को हम न्यूज मैटर के साथ पोस्ट करते हैं।
👇 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ 👇👇👇 🎤🤜 👇👆👇👆👇☝️ .. 👇👇👇 👇👇👇
👇👇👇
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸☑️*********🙏👍🙏 👇👇
......
......
.....
...
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸☑️*********🙏👍🙏 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ ... 👇👇👇 खबर :- ✍️
दम्पतियों के लिए आवश्यक जानकारी : दो बच्चों में अंतर के लिए 3 माह में एक बार अंतरा इंजेक्शन
बीकानेर 16 अप्रैल, 2018
एक इंजेक्शन और 3 महीने की छुट्टी
गर्भ-निरोधक अंतरा इंजेक्शन के लिए प्रशिक्षण आयोजित
सेवा सभी सीएचसी और शहरी पीएचसी पर उपलब्ध
बीकानेर। परिवार कल्याण कार्यक्रम में क्रन्तिकारी साबित हुए अंतरा एम.पी.ए. इंजेक्शन की सेवाएं अब पी.बी.एम. असपताल, जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, शहरी पीएचसी व डिस्पेंसरियों में उपलब्ध हैं। दो बच्चों में अंतर के लिए रोज-रोज गर्भनिरोधक उपयोग के बजाय 3 माह में एक बार अंतरा इंजेक्शन योग्य दम्पतियों की पसंद बन रहा है। सेवाओं की स्थिति व गुणवत्ता जानने दिल्ली से आए दल द्वारा मंगलवार को चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। दल प्रभारी डॉ. अलोक बेनर्जी ने बताया कि अंतरा इंजेक्शन 18 वर्ष से लेकर 45 की उम्र तक किसी भी महिला को डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर शुरू किया जा सकता है। बाद की डोज नर्सिंग स्टाफ या आयुष चिकित्सक द्वारा भी दी जा सकती है। डॉ. अचला कपूर ने अंतरा लगवाने वाली महिलाओं को नियमित फोलो अप करने और 3 माह के अंतराल से बुलाकर अगली डोज देने की बात रखी हालांकि इसके लिए विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर भी संचालित है जिसके माध्यम से हर 3 माह से लाभार्थी तो रिमाइंडर मिल जाता है। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने अब तक लगे अंतरा इंजेक्शन की समीक्षा करते हुए अधिकाधिक महिलाओं को सुरक्षित अंतरा सेवा से जोड़ने और गुणवत्तापूर्ण परिवार कल्याण सेवाएं देने के निर्देश दिए। जिले में अब तक 1794 डोज इंजेक्शन दिए जा चुके हैं। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक अशोक कुमार, डॉ. एम. अबरार पंवार, डॉ. राजेश धवल, डॉ. एम. ए. दाउदी, डॉ. रेखा श्रीवास्तव, डॉ. वैभव पंवार, डॉ. लोकेश गुप्ता, डॉ. दिनेश बिनावरा, एएसओ नवनीत आचार्य सहित शहरी व ग्रामीण पीएचसी-सीएचसी प्रभारी शामिल हुए।
क्या है अंतरा ?
डॉ. तनेजा ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत् प्रभावी गर्भनिरोधक साधनों में नई तकनीक के इन्जेक्टेबल कॉन्ट्रासेप्टिव (अंतरा) इंजेक्शन को शामिल किया गया है। इन्जेक्टेबल कॉन्ट्रासेप्टिव (अंतरा) का उपयोग उच्च प्रजनन दर को कम करने में महत्वपूूर्ण साधन है एवं योग्य दम्पत्तियों को समय पर परामर्श देकर तथा यथा समय फॉलोअप पर विशेष ध्यान देकर परिवार को सुखी बनाने का सफल प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस इन्जेक्शन के उपयोग के बाद महिला को आलोच्य अवधि तक गर्भधारण रोकथाम के लिए अन्य किसी साधन का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं रहती। इंजेक्शन की खास बात यह है कि इसमें इंट्राडर्मल सुई (छोटी सुई) का इस्तेमाल कर बाजू पर ही लगाया जाता है। इससे दर्द कम होता है।
👇☝️
...
.....
👇👇👇
दम्पतियों के लिए आवश्यक जानकारी : दो बच्चों में अंतर के लिए 3 माह में एक बार अंतरा इंजेक्शन
👇
👇 👇 👇 👇 👇 👇
👇 👇 👇 👇 👇 👇
विज्ञापन के लिए संपर्क करें 📞 आपके विज्ञापन को हम न्यूज मैटर के साथ पोस्ट करते हैं।
👇 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ 👇👇👇 🎤🤜 👇👆👇👆👇☝️ .. 👇👇👇 👇👇👇
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸☑️*********🙏👍🙏 👇👇
......
......
.....
...
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸☑️*********🙏👍🙏 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ ... 👇👇👇 खबर :- ✍️
दम्पतियों के लिए आवश्यक जानकारी : दो बच्चों में अंतर के लिए 3 माह में एक बार अंतरा इंजेक्शन
बीकानेर 16 अप्रैल, 2018
एक इंजेक्शन और 3 महीने की छुट्टी
गर्भ-निरोधक अंतरा इंजेक्शन के लिए प्रशिक्षण आयोजित
सेवा सभी सीएचसी और शहरी पीएचसी पर उपलब्ध
बीकानेर। परिवार कल्याण कार्यक्रम में क्रन्तिकारी साबित हुए अंतरा एम.पी.ए. इंजेक्शन की सेवाएं अब पी.बी.एम. असपताल, जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, शहरी पीएचसी व डिस्पेंसरियों में उपलब्ध हैं। दो बच्चों में अंतर के लिए रोज-रोज गर्भनिरोधक उपयोग के बजाय 3 माह में एक बार अंतरा इंजेक्शन योग्य दम्पतियों की पसंद बन रहा है। सेवाओं की स्थिति व गुणवत्ता जानने दिल्ली से आए दल द्वारा मंगलवार को चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। दल प्रभारी डॉ. अलोक बेनर्जी ने बताया कि अंतरा इंजेक्शन 18 वर्ष से लेकर 45 की उम्र तक किसी भी महिला को डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर शुरू किया जा सकता है। बाद की डोज नर्सिंग स्टाफ या आयुष चिकित्सक द्वारा भी दी जा सकती है। डॉ. अचला कपूर ने अंतरा लगवाने वाली महिलाओं को नियमित फोलो अप करने और 3 माह के अंतराल से बुलाकर अगली डोज देने की बात रखी हालांकि इसके लिए विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर भी संचालित है जिसके माध्यम से हर 3 माह से लाभार्थी तो रिमाइंडर मिल जाता है। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने अब तक लगे अंतरा इंजेक्शन की समीक्षा करते हुए अधिकाधिक महिलाओं को सुरक्षित अंतरा सेवा से जोड़ने और गुणवत्तापूर्ण परिवार कल्याण सेवाएं देने के निर्देश दिए। जिले में अब तक 1794 डोज इंजेक्शन दिए जा चुके हैं। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक अशोक कुमार, डॉ. एम. अबरार पंवार, डॉ. राजेश धवल, डॉ. एम. ए. दाउदी, डॉ. रेखा श्रीवास्तव, डॉ. वैभव पंवार, डॉ. लोकेश गुप्ता, डॉ. दिनेश बिनावरा, एएसओ नवनीत आचार्य सहित शहरी व ग्रामीण पीएचसी-सीएचसी प्रभारी शामिल हुए।
क्या है अंतरा ?
डॉ. तनेजा ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत् प्रभावी गर्भनिरोधक साधनों में नई तकनीक के इन्जेक्टेबल कॉन्ट्रासेप्टिव (अंतरा) इंजेक्शन को शामिल किया गया है। इन्जेक्टेबल कॉन्ट्रासेप्टिव (अंतरा) का उपयोग उच्च प्रजनन दर को कम करने में महत्वपूूर्ण साधन है एवं योग्य दम्पत्तियों को समय पर परामर्श देकर तथा यथा समय फॉलोअप पर विशेष ध्यान देकर परिवार को सुखी बनाने का सफल प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस इन्जेक्शन के उपयोग के बाद महिला को आलोच्य अवधि तक गर्भधारण रोकथाम के लिए अन्य किसी साधन का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं रहती। इंजेक्शन की खास बात यह है कि इसमें इंट्राडर्मल सुई (छोटी सुई) का इस्तेमाल कर बाजू पर ही लगाया जाता है। इससे दर्द कम होता है।
👇☝️
...
.....
👇👇👇












I am no longer sure where you're getting your information, however great topic.
ReplyDeleteI must spend a while studying much more or understanding more.
Thank you for wonderful information I was in search of this information for my mission.
I am happy that I found this weblog, just the right information that I was looking for!
ReplyDelete