Friday, June 30, 2017

ड्रेगन के पंजे और जीएसटी के घेरे में कैसे होगा समृद्ध पटाखा उद्योग

बीकानेर 30/6/17 ( मोहन थानवी)। ड्रेगन के पंजे से संघर्ष कर रहा पटाखा उद्योग  28 प्रतिशत जीएसटी के घेरे में कैसे चलेगा?  देशभर में 10 लाख से अधिक लोग पटाखा फैक्ट्रियों में कार्यरत है और जीएसटी दर कम नहीं की गई तो अनेक इकाईयां बंद होने की आशंका है। ऐसी चिंताओं को लेकर बीकानेर फायर वक्र्स एसोसिएशन अध्यक्ष लूणकरण सेठिया ने चिंता जताई कि लंबे समय से पटाखा उद्योग आयातित चाइनीज पटाखों के कारण वैसे ही संकट में चल रहा है। ऐसे में 28 प्रतिशत जीएसटी करने से यह व्यवसाय खत्म हो जाएगा। चूंकि देशभर में 10 लाख से अधिक लोग पटाखा फैक्ट्रियों में कार्यरत है और जीएसटी कम नहीं किया गया तो अनेक इकाईयां बंद हो जाएगी। पटाखा व्यवसाय कुटीर एवं लघु उद्योग श्रेणी में आता है जो श्रम आधारित है। इसके चलते 28 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करना असंभव है। उन्होंने कहा कि इसलिए एसोसिएशन केन्द्र सरकार के इस फैसले का विरोध करती है। साथ ही 30 जून से समस्त फैक्ट्रियों में अनिश्चितकालीन उत्पादन बंद करने का निर्णय करती है। शुक्रवार को पूरे बीकानेर में पटाखा व्यवसाय बंद रखे गए।  जिला कलेक्टर की मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। जिसमें  पटाखा कारोबार पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से 12 प्रतिशत करने की मांग की गई।  संगठन ने बैठक भी आयोजित की और फोर्टीज द्वारा 30/6/17 के उद्योग एवं व्यापार बंद का समर्थन किया। बैठक में अध्यक्ष लूणकरण सेठिया, सचिव वीरेन्द्र किराडू, उपाध्यक्ष बनवारी लाल अग्रवाल, लक्ष्मण पंजाबी, भंवरलाल व्यास, नरेन्द्र खत्री, संयुक्त सचिव नारायण पंजाबी, मुकेश भारती एवं पटाखा व्यवसाय से जुड़े कारोबारी उपस्थित थे। एसोसिएशन के सचिव वीरेन्द्र किराडू ने बताया कि भारत में पटाखा उत्पादन की इकाईयों की संख्या 1200 है। इसमें 800 इकाईयां शिवाकाशी व 400 अन्य प्रांतों में है। जिसमें से 51 प्रतिशत बड़ी इकाईयां 12.5 प्रतिशत एक्साइज का भुगतान करती है एवं अन्य इकाईयों स्माल स्केल इंडस्ट्रीज के तहत पंजीकृत है। जिनका सालाना उत्पादन 1.5 करोड से कम है। इस कारण वे इकाईयां 14.5 प्रतिशत वेट अथवा 2 प्रतिशत सीएसटी का भुगतान कर रही है। चूंकि 12.5 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी एवं 14.5 प्रतिशत वेट का योग कर 28 प्रतिशत जीएसटी निर्धारित की गई है, जिसके फलस्वरूप 25 प्रतिशत माल की लागत बढ़ जाएगी। 

- मोहन थानवी

दुकानें बंद कर हाय हाय कर उठे व्यापारी; केन्द्र सरकार को कोसा

*खबरों में बीकानेर*

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बीकानेर 30/6/17 । व्यापारियों के लिए 30 जून का दिन दो जून की रोजी-रोटी कमाने वाला साबित नहीं हुआ। 30 जून 17 की आधी रात को 12:00:01 बजे एक जुलाई 2017 की तारीख शुरू होते ही लागू किए जा रहे जीएसटी के विरोध में  व्यापारी अपने  बंद प्रतिष्ठानों को खोलकर गल्ले पर बैठने की बजाय शहर के प्रमुख स्थल कोटगेट पर जुटे और वित्त मंत्री हाय हाय के नारे लगाने लगे।  अखिल भारतीय व्यापारिक संगठनों के भारत व्यापार बंद के आह्वान पर कोटगेट से कलेक्ट्रेट तक नारे लगाते हुए वाहन रैली निकाली।  कलेक्ट्रेट के सामने कर्मचारी मैदान के पास पहुंचकर रैली सभा में परिवर्तित हो गई। सभा को महेन्द्र बरड़िया; बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के घनश्याम लखाणी सहित विभिन्न व्यापारिक-औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री व पीएम के नाम अपनी अपनी मांगों के ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपे। बीकानेर संभाग रेडिमेड एवं होजयरी एसोसिएशन एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय ऐलानी ने बताया कि उनके दिए ज्ञापन में केंद्र सरकार को व्यापार और व्यापारी विरोधी नीतियों वाली प्रस्तावित जीएसटी प्रक्रिया में  संशोधन में मुख्य रूप से रेडिमेड एवं होजयरी व्यवसाय के लिए जीएसटी प्रक्रिया का सरलीकरण; समान कर नियम के तहत मूल्य आधारित अलग अलग टैक्स प्रावधान समाप्त करते हुए समस्त व्यवसाय के लिए कर पांच प्रतिशत रखने,   कम्पोजिशन सीमा बढ़ाकर राहत दिलाने की मांगें शामिल हैं।

बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के नेतृत्व में  बीकानेर रेडेंट होजरी एसोसिएशन व बीकानेर संभाग रेडिमेड होजयरी एसोसिएशन बीकानेर वस्त्र व्यवसायी संघ व बीकानेर दाल मिल एसोसिएशन ने अपने-अपने ज्ञापन दिये ।

रैली में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। घनश्याम लखाणी ने बताया कि अनुशासित रूप से व्यापारियों ने अपनी मांग रखते हुए अपना दर्द सरकार तक ज्ञापन के जरिए पहुंचाया । ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के उपाध्यक्ष  नरपत सेठिया  घनश्याम लखाणी सहसचिव सुरेंद्र पटवा के नेतृत्व में व बीकानेर वस्त्र व्यवसायी संघ के सत्यनारायण डागा संजीव अरोड़ा बीकानेर रेडिमेड होजयरी एसोसिएशन के मालचंद बेगानी संजय सांड महेंद्र बरड़िया बीकानेर संभाग रेडिमेड होजयरी के विजय ऐलानी बीकानेर दाल मिल एसोसिएशन से नरसिंह दास मिमानी जय किशन अग्रवाल खजांची मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष जुगल राठी ऑल राजस्थान जिप्सम एसोसिएशन के गोपी किशन गहलोत शामिल थे । व्यापारियों के सहयोग के लिए बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने व्यापारियों का आभार प्रकट किया।

एसोसिएशन के संरक्षक खेमचंद मूलचंदानी, सचिव मूलचंद डागा, उपाध्यक्ष दौलत प्रेमज्याणी, कोषाध्यक्ष सुशील बंसल, देवीचंद खत्री; महेश खेसवानी, कमल राजेश टेकचंदानी ने जीएसटी के होजयरी पर इसी रूप में लागू होने पर व्यापारियों को होने वाली समस्याएं बताई। सोसायटी के घनश्याम मूलचंदानी; राहुल अग्रवाल, गंगाराम, भगवानदास, वासी पार्वती फेम, देवानंद संदीप बाफना आदि ने भी संबोधित किया।
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उधर;  बीकानेर कपड़ा व्यापार जीएसटी विरोध संघर्ष समिति के संयोजक संजीव अरोड़ा ; बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के घनश्याम लखाणी, समिति के सत्यनारायण डागा, हरीश नाहटा, नरपत सेठिया, विजय कोचर, प्रेम खंडेलवाल आदि ने जीएसटी पर सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग दोहराई व व्यापार उद्योग संघ के आह्वान पर भारत व्यापार बंद का समर्थन किया

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उपाध्यक्ष नरपत सिंह सेठिया ने बताया कि बीकानेर के आसपास के जिलो  झुंझुनूं हनु़मानगढ़ गंगानगर से  मंडियों के बंद के समाचार मिल रहे हैं।

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ऑल इंडिया दाल मिल्स एसोसिएशन के आह्वान पर बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नृसिंहदास मिमाणी ने जीएसटी के विरोध में बीकानेर में 30 जून को  हड़ताल पर रहने तथा श्री बीकानेर कच्ची आढ़त संघ व्यापार संघ  के पदाधिकारियों ने 30 जून को बंद का समर्थन व 1, 2 व 3 जुलाई को राजस्थान की 247 मंडियां बंद रहने का ऐलान किया है।

- मोहन थानवी

Thursday, June 29, 2017

जयपुर रोड पर चला जेसीबी का पंजा

बीकानेर 30/6/17  । तिलक नगर जयपुर रोड

जीएसटी का विरोध : बीकानेर में व्यापारियों की कोटगेट से रैली

*खबरों में बीकानेर*
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*मोहन थानवी*
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बीकानेर 29/6/17 । जीएसटी के विरोध में बकानेर के  व्यापारी शुक्रवार 30 जून को भारत व्यापार बंद के तहत कोटगेट से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालेंगे। जबकि गुरुवार को सभी समुदायों के कपड़ा व्यापारियों ने मिल कर कलेक्ट्रेट के सामने सरकार की सद्बुद्धि के लिए वैदिक मंत्रों की गूंज में हवन में आहुतियां दी और वहीं कुरान की आयतें पढ़कर केंद्र सरकार को व्यापार और व्यापारी विरोधी नीतियों को संशोधित करने की सद्बुद्धि देने की  दुआएं मांगी।  जीएसटी के विरोध में बीकानेर के कपड़ा व्यापारियों ने 27, 28 व 29 जून को कपड़ा बाजार बंद रखे। बीते दो दिनों में मुंह पर पट्टी बांधकर वाहन रैली भी निकाली। कलेक्ट्रेट के समक्ष कर्मचारी मैदान के पास सभा में व्यापारियों ने वित्त मंत्री के विरुद्ध नारेबाजी भी की। बीकानेर कपड़ा व्यापार जीएसटी विरोध संघर्ष समिति के संयोजक संजीव अरोड़ा ; बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के घनश्याम लखाणी, समिति के सत्यनारायण डागा, हरीश नाहटा, नरपत सेठिया, विजय कोचर, प्रेम खंडेलवाल आदि ने जीएसटी लागू होने पर व्यापारियों के सामने आने वाली परेशानियों को बताया एवं सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग दोहराई। कहा कि बीकानेर में कपड़ा कारोबार को तीन दिन में करोड़ों के लेनदेन से वंचित रहना पड़ रहा है। साथ ही 30 जून को अखिल भारतीय व्यापार उद्योग संघ के आह्वान पर भारत व्यापार बंद का समर्थन का एलान किया

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अखिल भारतीय व्यापार उद्योग संघ के आह्वान पर 30 जून 2017 शुक्रवार को  भारत बंद रखने के निर्णय पर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल और सभी सहभागी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने  समर्थन कर बंद का आश्वासन दिया । उपाध्यक्ष नरपत सिंह सेठिया ने बताया कि बीकानेर के आसपास के जिलो से भी समर्थन मिला झुंझुनूं हनु़मानगढ़ गंगानगर से भी सभी मंडियों से बंद का  समर्थन मिला है । घनश्याम लखाणी के अनुसार  30 जून को सुबह 11:बजे कोटगेट से व्यापारियों की वाहन रैली रवाना होकर कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंचेगी।

 बीकानेर संभाग होजयरी रेडीमेड व्यापार संगठन के विजय एलानी ने कोटगेट से निकल रही रैली में संबंधितों को पहुंचने का आह्वान किया है ।   वहीं ऑल इंडिया दाल मिल्स एसोसिएशन, इंदौर के आह्वान पर बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नृसिंहदास मिमाणी ने जीएसटी के विरोध में बीकानेर में 30 जून को  हड़ताल पर रहने की घोषणा की है। जबकि श्री बीकानेर कच्ची आढ़त संघ व्यापार संघ  के पदाधिकारियों ने भी 30 जून को बंद का समर्थन करते हुए 1, 2 व तीन जुलाई को राजस्थान की 247 मंडियां बंद रहने का ऐलान किया है।

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- मोहन थानवी

Tuesday, June 27, 2017

बीकानेर में कपड़ा व्यापारी बुधवार को काली पट्टी बांधकर निकालेंगे वाहन रैली

बीकानेर में कपड़ा व्यापारी बुधवार को काली पट्टी बांधकर निकालेंगे वाहन रैली
बीकानेर 27/6/17 । मुंह पर ताले जड़कर प्रदर्शन कर कपड़ा व्यापारियों ने राज्य व केन्द्र सरकार का ध्यानाकर्षण करवाने के लिए अलहदा तरीका अपनाया। वहीं बुधवार को जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारी काली पट्टी बांधकर वाहन रैली निकालेंगे । बीकानेर जीएसटी विरोध संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपने मुंह पर ताले लगाए और केन्द्र सरकार की ओर से 1 जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी में कपड़े पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने के प्रस्ताव के विरोध में  अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। शहर के सभी कपड़ा मार्केट में दुकानें बंद रही। बाजारों में दुकानों के बाहर दैनिक श्रमजीवी ही बैंचोम/चौकियों पर जाजम जमाए दिखे। ऑल इंडिया जीएसटी एसोसिएशन एवं राजस्थान कपड़ा जीएसटी संघर्ष समिति के आह्वान पर बीकानेर जीएसटी विरोध संघर्ष समिति ने विरोध स्वरूप कोटगेट से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली व  प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। कपड़ा व्यापारियों ने रोष जताया कि कपड़ा कारोबार असंगठित क्षेत्र है। संजीव अरोड़ा; सत्यनारायण डीगा; घनश्याम लखाणी आदि पदाधिकारियों का कहना है कि जीएसटी में छोटे कारोबारियों को भारी मुश्किलें आएंगी। उन्हें ऑनलाइन बिजनेस मेंटेन करना ही नहीं आता। यदि ऑनलाइन मैंटेन नहीं कर पाएंगे तो सजा का प्रावधान है।
- मोहन थानवी

साहित्य अकादेमी 1-2 जुलाई को बीकानेर में करवाएगी राजस्थानी व्यंग्य और उपन्यास पर संगोष्ठी

साहित्य अकादेमी 1-2 जुलाई को बीकानेर में करवाएगी राजस्थानी व्यंग्य और उपन्यास पर संगोष्ठी​

बीकानेर 27जून 17 । साहित्य अकादेमी, दिल्ली के तत्वावधान में दो दिवसीय आयोजनों के तहत मुक्ति संस्था के सहयोग से शनिवार 01 जुलाई 2017 को ‘‘राजस्थानी व्यंग्य साहित्य’’ पर  संगोष्ठी  श्री नेहरू शारदा पीठ    (पी.जी) महाविद्यालय, जस्सूसर गेट के अंदर बीकानेर में आयोजित होगी।  शनिवार 1 जुलाई को सुबह 10ः30 बजे उद्घाटन सत्र होगा; अध्यक्षता डॉ. अजुर्नदेव चारण करेंगे ।  मुख्य अतिथि डॉ. मदन केवलिया होंगे।  दो सत्रों के बाद समापन सत्र शाम पाँच बजे नागराज शर्मा के मुख्य आतिथ्य में होगा अध्यक्षता बुलाकी शर्मा करेंगे।मुक्ति संस्था के सचिव,  राजेन्द्र जोशी ने बताया कि 02 जुलाई को साहित्य अकादेमी एवं श्री नेहरू शारदा पीठ   (पी.जी) महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थानी उपन्यास पर संगोष्ठी का उद्घाटन सुबह 10ः30 बजे डॉ. नन्द भारद्वाज के मुख्य आतिथ्य व डॉ. अर्जुनदेव चारण की अध्यक्षता में होगा । दो सत्रोपरांत शाम पाँच बजे मालचंद तिवाड़ी के मुख्य आतिथ्य व मधु आचार्य आशावादी की अध्यक्षता में समापन सत्र होगा।

- मोहन थानवी

Sunday, June 25, 2017

“अधजागी रातां : अधसूता दिन” महेन्द्र मोदी की राजस्थानी कृति का लोकार्पण समारोह

“अधजागी रातां : अधसूता दिन”
महेन्द्र मोदी की राजस्थानी कृति का लोकार्पण समारोह

बीकानेर 25 जून 2017। राजस्थानी भाषा के उत्थान और विकास के लिए ऐसी अनेक पुस्तकों को आना चाहिए जिससे हमारी भाषाई अस्मिता की व्यापक पहचान पुख्ता हो सके। यह कहना है वरिष्ठ लेखक-पत्रकार ओम थानवी का।    वे यहां मुक्ति संस्था व स्वामी कृष्णानंद फाउंडेशन के त्वावधान में ढोला मारू होटल में आयोजित  बीकानेर के कहानीकार-उपन्यासकार महेश चंद्र जोशी के स्मृति-दिवस पर उनको समर्पित आयोजन में महेन्द्र मोदी के संस्मरणों की राजस्थानी कृति “अधजागी रातां : अधसूता दिन” का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किए जाने के बाद बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे ।  थानवी ने मोदी की लेखन शैली को सराहते एवं स्मृतियों के वातायन से बीकानेर से जुड़े कई प्रसंगों को रेखांकित करते हुए कहा कि महेंद्र मोदी की इस पुस्तक द्वारा बीकानेर का सांस्कृतिक इतिहास जिन शब्दों और भाषा में प्रस्तुत हुआ है वह उल्लेखनीय है। अगर किसी पुस्तक के द्वारा पाठक का अपना स्मृति-लोक खुलता चला जाए तो इसे पुस्तक की सार्थकता माना जाना चाहिए। ओम थानवी ने कहा राजस्थानी में अधिकतम साहित्य सृजन किया जाए तो  राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष को बल मिलेगा।  भंवर पृथ्वीराज रतनू ने भी विचार रखे। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ आलोचक डॉ. श्रीलाल मोहता ने कहा कि महेन्द्र मोदी के पास प्रख्यात साहित्यकार अन्नाराम सुदामा सदृश्य भाषा-शैली है जो पाठकों को प्रभावित करती है। इस अवसर पर मंचस्थ अतिथियों के साथ विविध भारती के पूर्व चैनल हैड एवं पुस्तक के लेखक महेन्द्र मोदी का सांझी विरासत द्वारा सम्मान भी किया गया। संचालक मुक्ति के सचिव राजेन्द्र जोशी ने कहा कि महेन्द्र मोदी की इस पुस्तक में अनुभूतियों का प्रामाणिक चित्रण हुआ है।
कार्यक्रम के आरंभ में दोनों संस्थाओं की तरफ से हिंगलाज दान रतनू ने आगंतुकों का स्वागत किया ।
रायसिंहनगर से आमंत्रित  अतिथि कवि-आलोचक डॉ. मंगत बादल ने पुस्तक की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए लेखन से प्रकाशन तक की यात्रा के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि यह कृति राजस्थानी संस्मरण विधा को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण मुकाम के रूप में पहचानी जाएगी   । अतिथि  व्यंग्यकार कहानीकार बुलाकी शर्मा ने महेन्द्र मोदी की कृति से अनेक संस्मरणों को साझा किया पुस्तक के प्रवाह और पठनीयता को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि इससे राजस्थानी गद्य साहित्य को एक आयाम मिलेगा।
कवि-आलोचक डॉ. नीरज दइया ने अपने पत्रवाचन में ‘अधजागी रातां : अधसूता दिन’ को महेन्द्र मोदी की आत्मकथा का प्रथम भाग बताते हुए कहा कि इस पुस्तक को इसके विधागत महत्त्व और अभिव्यंजना कौशल क्षमता से इस दशक की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों में स्थान मिलेगा।
कार्यक्रम में कोटा के साहित्यकार पुरुषोत्तम पंचोली सहित संस्कृतिकर्मी उपस्थित थे।

- मोहन थानवी

Friday, June 23, 2017

जीएसटी यानी आशंका के बादल ?

कपड़ा मार्केट पर बंद की बारिश; भीगे पापड़ संभाल रही महिलाएं
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*मोहन थानवी*

बीकानेर 23/6/17। जीएसटी अब लागू होने को है। *जीएसटी के समर्थकों द्वारा खूब ढोल बजाया जा रहा है कि इसके लागू होने से आमजन को और व्यापार-उद्योग जगत को सहूलियत रूपी लाभ मिलेगा। जबकि बीकानेरी पापड़ उद्योग की रीढ, पापड़ बटाई कर परिवार चलाने वाली हजारों महिलाएं अपनी मेहनत से जमा जमाया रोजगार का साधन प्रभावित हो जाने को लेकर चिंतित हैं, उनकी चिंता की ओर किसी का ध्यान तक नहीं गया है।*

*बीकानेर में एक ओर जहां कपड़ा व्यापारी जीएसटी का विरोध कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पिछले काफी समय से बीकानेरी पापड़ उद्योग के प्रतिनिधियों ने मरुधरा के घर-घर की महिलाओं से जुड़े इस उद्योग को कर मुक्त करवाने के लिए दिन-रात एक कर रखा है जिसकी भी किसी ने परवाह नहीं की है।* देश भर में व्यापार-उद्योग जगत के काफी लोग जीएसटी का विरोध कर रहे हैं और आमजन तो अब तक यह जानने में ही माथापच्ची कर रहा है कि जीएसटी का प्रारूप और इसका मतलब क्या है? *समर्थक तो यह भी बताने से नहीं चूक रहे कि जीएसटी से किसान सहित सभी वर्गों को सुविधा होगी। इस बात से भूमिपुत्र भी एकराय जाहिर नहीं कर रहा क्योंकि मानसून आने को है और किसान खेत की ओर बढ़ने के बजाय अपने कर्ज के बोझ को लिए लिए सरकार का ध्यानाकर्षण करने में व्यस्त हो गया है।* कपड़ा व्यापारियों ने तो जीएसटी के विरोध में दिल्ली में एकराय होकर 27, 28, 29 जून यानी तीन दिनी बंद का ऐलान कर ही दिया है। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि 30 जून को सरकार की नीति और रुख देखकर आगे का निर्णय लिया जाना है। यदि सरकार द्वारा राहत नहीं दी गई तो एक जुलाई से कपड़ा मार्केट अनिश्चितकालीन बंद रखने की बात भी कपड़ा व्यापारियों ने कह दी है। यानी इसी प्रकार जीएसटी के बादल छाए रहे तो कपड़ा मार्केट पर बंद की भारी बारिश की आशंका प्रबल है। यहां बीकानेर में भी व्यापार-उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने ऐसी स्थिति पर रोष व्यक्त किया है। *कपड़ा व्यापारियों के संघर्ष से जुड़े बीकानेर व्यापार मंडल के घनश्याम लखाणी का कहना है कि व्यापारियों-उद्यमियों को मोदी सरकार से ऐसी अपेक्षाएं कतई नहीं थी कि उनकी जल्दबाजी से लागू की जा रही नीतियां देश के बाजारों को डगमगा दे।* लखाणी ने कहा कि *इस कर-व्यवस्था से सुविधाएं गिनाई जा रही हैं लेकिन व्यापार करना कितना कठिन होगा व कौन-कौन सी चीजों में लागत बढ़ने से मूल्य वृद्धि हो जाएगी इसका अनुमान तक सुनने को हमारे नगर के सांसद और केंदीय वित्त राज्य मंत्री  तैयार नहीं है।* लखाणी ने कहा कि *बीकानेर के सांसद एवं वित्त राज्य मंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र की मेहनतकश आधी आबादी तक की परेशानी दूर करने की चिंता नहीं है।* उन्हें बीकानेरी भुजिया-पापड़ व्यवसायियों ने बता दिया है कि *बीकानेरी पापड़ उद्योग के प्रभावित होने से पापड़ बटाई कर घर चलाने वाली महिलाओं की रोजी ही नहीं, उनके परिवार के सदस्यों की रोटी तक थाली में कम होने की आशंका के बादल घिरे हुए लगते हैं।* लखाणी ने *चेतावनी देते कहा कि मंत्री यदि आशंका के बादलों को तितरबितर नहीं करेंगे तो बीकानेर के व्यापारी-उद्यमी आंदोलन को तीव्र करते हुए उनका भी विरोध करेंगे।*

आनंदगढ़ में सीमा मित्र विकास शिविर आयोजित

आनंदगढ़ में सीमा मित्र विकास शिविर आयोजित

जल संसाधन मंत्री एवं संसदीय सचिव ने सुनी जनसमस्याएं 

बीकानेर, 23 जून। सीमांत क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के निराकरण एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से आयोजित ‘सीमा मित्र विकास शिविर’ की श्रृंखला में शुक्रवार को खाजूवाला की आनंदगढ़ ग्राम पंचायत के अटल सेवा केन्द्र में शिविर आयोजित हुआ।

सीमा सुरक्षा बल की 157वीं बटालियन द्वारा आयोजित इस शिविर में जल संसाधन मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री डाॅ. रामप्रताप, संसदीय सचिव डाॅ. विश्वनाथ मेघवाल, संभागीय आयुक्त सुवालाल तथा पुलिस महानिरीक्षक बिपिन कुमार पांडे ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्र के नागरिकों को केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाआंे से लाभांवित करने के उद्देश्य से यह शिविर बेहद लाभदायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बीएसएफ की इस पहल को सराहनीय बताया तथा कहा कि इससे ग्रामीणों और बीएसएफ का समन्वय बढ़ेगा।

संसदीय सचिव डाॅ. विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि अंतिम छोर तक बैठा व्यक्ति भी समाज की मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि बीएसएफ, ग्रामीणों के मित्र हैं। ये सीमा क्षेत्र की रक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों का निर्वहन कर रहे हैं। 

संभागीय आयुक्त सुवालाल ने कहा कि संभाग के सीमांत क्षेत्रों के आठ गांवों में ‘सीमा मित्र विकास शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें बीकानेर और श्रीगंगानगर जिले के चार-चार शिविर सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में बीएसएफ ने सराहनीय पहल की है। महानिरीक्षक पुलिस बिपिन कुमार पांडे ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में किसी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि नहीं हो, इसके प्रति आमजन भी जागरूक रहें। बीएसएफ की 157वीं बटालियन के समादेष्टा ए.के. उपाध्याय ने  बीएसएफ द्वारा आमजन के कल्याणार्थ किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया।

इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी ओमप्रकाश सहारण, उपसमादेष्टा जयकरण, आनंदगढ़ सरपंच पवन पूनिया सहित पुलिस, प्रशासन एवं बीएसएफ के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद थे।

---- मोहन थानवी

More Than 75 Lacs Historical and Administrative Record of Rajputana Princely States are Online

RAJASTHAN STATE ARCHIVES ONLINE
www.rsad.rajasthan.gov.in.
More Than 75 Lacs Historical and Administrative Record of Rajputana Princely States are Online

New5 lacs more pages of Mahekma Khas Jodhpur State (Marwar) and library online

Archives ensure that the records of today are preserved for future generation. Archives department has initiated the work of digitizing valuable records and these digitized records are available online on our website www.rsad.rajasthan.gov.in. We have been online more than 75 lacs historical and revenue records of Rajputana's princely states so that it is easily available to research scholars, administrative department, judiciary in public as per requirement. These online records are available for a variety of research uses including teaching purpose, building plans, publications and legal proceeding. It is very useful to both public and research scholars. It will help them in their research work. Professor and lecturers of different universities upgrade their knowledge through these online records and spread their knowledge in students. Writers and historian consult these original online archives records for publishing new books. Government departments including judiciary, research centre, government library and other state archives are also benefited from these online records as they obtain essential information for use in legal proceeding, and research. Archives attracted to tourist for family history and cultural heritage have become major reasons of tourism. It's my humble request to the professor and lecturers of different universities to spread the treasure of Rajasthan state archives among students so that they are benefited.

Brief online records details:-
Bikaner State
3.25 Lacs Patta records of Bikaner division, Bikaner Bahiyat, Bikaner english records, Confidential records and files of Prajamandal and peasant movement.
Bikaner Bahiyat such as Bikaner-Kagdo ki Bahiya, kagad-bahis, zakat-bahis, old-bahis, Sava Bahi, Hasal Bahi, Vivah Bahi etc.
Bikaner English Records such as Mahkama Khas (1891-1914), PWD Records (1914-1948), PMO Department Records (1927-1949), Army Department Records (1914-1947), Bikaner Classified Files (1896-1927), Jaipur Secretariat confidential records(1894-1940) etc

Alwar State
Alwar English records such as Toshajhana, Mahakma-Khas, Judiciary, Dault-Khana, Mahkma-Alia-Hazori, Army, Rasora Khas, Police, Education, Mines etc
Records of Administrative J.D.A., Army, C.S., home branch, Accounts, Education, Police, Mines department
New Alwar Patta Record
Jaipur State
Datoor Komwar (1708-1866), Nawajana (1708-1852), Nasokha punya (1712-1870), Dwani Hajuri (1873-1900) Vakil reports (1681-1688), Khatot Ahalkaran (1681-1701), Khatot Maharajgan (1677-1718), Wills report printed (1725-1887), Draft Kharite (1725-1897), Yaaddashi Rajasthani (1807-1940) etc
New Tozi and Arsattha Record
Jodhpur State
Patta files of city Patta kotwali (1894 to 1951)  .We have online Approx 4.00 Lacs Bahis of Marwar Jodhpur State namley Arji Bahi, Hajuri Bahi,Futker Bahi, Hakikat Khata Bahi, Hakikat Register, Hath Bahi , Jodhpur Dafter Hajuri, khajana Bahi ,Kharitha Bahi, Khass Ruka Parwana Bahi, Ohada Bahi, Patta Siga re Bahi ,Sand Parwana Bahi, Vivah re Bahi,
Jodhpur Non- Archival record
New Patta Bahi Jodhpur
New Mahekma Khas Records of Jodhpur
Ajmer State
New Ajmer Dargah Record
Judicial Record
New Ajmer commissioner Record
Kishangarh State
Bahis of Kishangarh
Sirohi State
The Pattas of Mount Abu Sirohi (From 1849 to 1885).
Bharatpur State
Judicial Record of  Bharatpur
Jhalawar State
Judicial Record of Jhalawar

Archival Library
Records of adminstrative reports of princely states, Round table conference, Chamber of prince, Treaties Engagment & Sanads, Agriculture, Economics, Education, History, Biography, Archaeology etc
Revenue & Settlement, Political Administration Reports, Gazetteers, Rules & Regulation, City Improvement, Alwar Gazette, Rare Books etc
Administrative reports of 110 states of India, agriculture, Census,  Feminine and revenue settlement, medical & veterinary etc.
Departmental Publication
NewNow anybody and at anywhere can see the 55 departmental           publications based on original Archival sources in a single click on www.rsad.rajasthan.gov.in as these publications are available online for research scholars and professors to consult and upgrade their knowledge and spread it among students. The main ones are :-
Rajasthan through the Ages Volume - 1, 2, 3
Farsi Farmano ke prakash main Mugalkalin Bharat evem Rajput Shashak Part :- 1, 2 & 3
Rajasthan Swadhinta Sangram ke Sakshi kuch Sansmaran (Jaipur, Jodhpur, Haroti, Ajmer,  Dholpur, Karoli, Alwar, Bharatpur Anchal)
Rajasthan Role in the Struggle of 1857 and many more books.
Purandhar ki Sandhi between Aurangzeb and Shivaji
Ganga Risala : The Camel Corps
Records to be Online Soon
Administrative reports, Alwar

Dr.Mahendra Khadgawat
Director
Rajasthan State Archives
Bikaner

( Post by - Mohan Thanvi )

Wednesday, June 21, 2017

हां कोई और हैं वो

इस सभ्य युग से घृणा करने वाले/वालों को खोजने निकल पड़े हैं लोग
तलाशा जा रहा है उन्हें शवों के जंगल में जहां बीज नहीं भंग-अंग रौपे जाते हैं
शव मुस्करा रहे हैं घृणित को खोजने वालों पर और बतिया रहे हैं अपने बीच फल-फूल रहे जानवरों से
वहीं-कहीं शव में तब्दील होने से बचा और दुबका मैं और मुझ जैसे मेरे साथी थरथरा रहे हैं इस भय से कि हैवानों को खोज रहे लोग कहीं हमें भी जकड़ न लें अपने कुत्सित विचारों की जंजीरों से और दे दें हम सभी को शवों के मध्य जीने का दुस्साहस करने का दंड
हम भयभीत हैं और यह भी जानते हैं कि सभ्य युग से घृणा करने वाले/वालों को नागवार होता है शवों के बीच श्वास लेना
किंतु हम किसे बताएं कि सभ्य युग के शत्रु हममें से कोई नहीं; वे यहां मुर्दों में नहीं रहते
हां कोई और हैं वो जो अपनी ही कल्पित दुनिया में बस रहे हैं; भर रहे हैं दिमागों में जहर और तालाबों में रक्त; काट रहे हैं सभ्यता के अंग और बनाने में जुटे हैं शवों के जंगल
हां वे मानव तो कदापि नहीं कोई और हैं वो
- मोहन थानवी 21/6/17 1:10 pm bikaner

Wednesday, June 7, 2017

चानी में 15 दिन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगेंगे

बीकानेर, 7 जून 2017। कोलायत की ग्राम पंचायत चानी में मंगलवार को आयोजित रात्रि चौपाल, ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आई। जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने चौपाल के दौरान ग्रामीणों की अनेक समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। चानी में विद्युत आपूर्ति में आ रही समस्या के सम्बन्ध में जिला कलक्टर ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को गांव में आगामी 15 दिन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगवाने के निर्देश दिए। चानी में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र को नन्दघर बनाए जाने के लिए जिला कलक्टर ने सरपंच से इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा, जिस पर उन्होंने अपनी सहमति दे दी। गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र पर एएनएम लगाने की मांग पर जिला कलक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि एएनएम की केन्द्र पर तत्काल नियुक्ति कर दी जाए।  इस अवसर पर सात ग्रामीणों को आवासीय भूमि के पट्टे भी प्रदान किए गए। 

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव में विद्युत आपूर्ति में आ रही परेशानी बताई, इस पर जिला कलक्टर ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि गांव की विद्युत लाइन को यहां स्थित जीएसएस से जोड़ा जाए, साथ ही आगामी 15 दिन में यहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगवाएं, जिससे विद्युत आपूर्ति बेहतर हो सके। चानी में गौरव पथ का निर्माण करवाए जाने की मांग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि गौरव पथ निर्माण का प्रस्ताव भिजवाया जा चुका है। 

ग्रामीणों ने चानी की मुख्य गलियों में पानी निकासी की समस्या बताई, जिस पर गुप्ता ने विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वे मौका निरीक्षण कर, समस्या के समाधान संबंधी कार्य योजना बनाएं। ग्रामीणों ने ग्राम रेखराणासर को डामर सड़क से जोड़े जाने, राजस्व ग्राम चकचानी का पंचायत व पटवार मुख्यालय ग्राम पंचायत चानी करने तथा राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय, चानी को क्रमोन्नत करने आदि मांगों पर जिला कलक्टर ने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने कहा कि दिव्यांगों का ई मित्रा पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाया जाए, साथ ही सभी लोग भामाशाह व आधार कार्ड बनवाएं। बालिकाओं को उच्च शिक्षित किया जाए जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। बच्चों का समय पर टीकाकरण करवाया जाए। इस अवसर पर स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत, पानी, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। 

मिले पट्टे- चौपाल के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण पट्टा वितरण अभियान के तहत शंभुदयाल, राजेन्द्र कुमार, मदनलाल, हजारीराम, ईश्वरचंद, मदनलाल व अनोपचंद को जिला कलक्टर ने आवासीय भूमि के पट्टे प्रदान किए।

           इस अवसर पर कोलायत उपखण्ड अधिकारी जयसिंह, सरपंच मनोहरसिंह राठौड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी, बीसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता हवा सिंह, सानिवि अधीक्षण अभियंता बसंत आचार्य, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एल डी पंवार, पीएचईडी अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल, कोलायत विकास अधिकारी हरिनारायण सिंह, उपनिदेशक कृषि डॉ. उदयभान, सहायक निदेशक जयदीप दोगने, समाज कल्याण अधिकारी शांतिलाल व्यास, जिला शिक्षा अधिकारी के के मुद््गल, सीडीपीओ रामप्रसाद हर्ष उपस्थित थे। 

--- मोहन थानवी