Thursday, May 25, 2017

बीकानेर के नवीन आचार्य ने रच दिखाया "ये बेटियां" गुलिस्तान

*बीकानेर*
*मोहन थानवी*
भारत की बेटियों के लिए नवगीत : बीकानेर के नवीन आचार्य ने रच दिखाया "ये बेटियां" गुलिस्तान

बीकानेर 25/5/17 ( मोहन थानवी )। बेटी बचाओ; बेटी पढ़ाओ का उद्घोष सही मायने में बीकानेर के नवीन आचार्य ने समझा; आत्मसात किया और उस पर रच दिखाया नवगीत "ये बेटियां" गुलिस्तां। इस गीत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से नवाचार के साथ  बेटियों को समर्पित रहेगा 26/5/15 का दिन; पुष्करणा स्टेडियम बीकानेर में शाम 6 बजे नया सवेरा होगा। बेटियों की महत्ता को नए अंदाज; दिलकश दृश्यों और सरगम की लहरों पर देखा-सुना जा सकेगा। जी; बात संगीत-कला-साहित्य और सामाजिक सरोंकारों के प्रति समर्पित बीकानेर और यहां माटी की सुगंध देश विदेश में फैलाने के जज्बे की करें तो युवा प्रतिभा नवीन आचार्य ने नगर और अपने परिवार की परंपरा को गौरवान्वित करने के लिए कदमताल तेज कर दी है। इस समाज एवं राष्ट्रहित के कार्य में सरकार ने भले ही नवीन और कला व कलाकारों की अनसुनी की हो मगर बीकाणा के लाल ने जुनून क्या होता है यह बता दिया है। और इस कार्य में न केवल राष्ट्रस्तरीय  सात मशहूर युवा कलाकार स्टेडियम में मौजूद रहेंगे बल्कि बड़ी संख्या में बीकानेरियन अपने नवीन आचार्य की हौसलाअफजाई करेंगे। आयोजन में प्रवेश निशुल्क रखा गया है। इस बारे में नवीन ने होटल वृंदावन में संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान अपनी बात साझा की। 

देश में घटना लिंगानुपात सभी के लिए चिंता का विषय है तभी तो केंद्र की मोदी सरकार और राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर अभियान चलाया जा रहा है लेकिन ये अभियान बीकानेर के जाए जन्मे नवीन आचार्य द्वारा रचे गीत ‘ये बेटियां’ को सरकारी स्तर पर किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं मिला। वीडियो गीत शुक्रवार को शाम छह बजे पुष्करणा स्टेडियम में जारी किया जाएगा। गुरुवार को पत्रकार सम्मेलन में नवीन आचार्य ने ख्यातनाम हास्य कलाकार ख्याली, मिथिला पुरोहित के साथ पत्रकारों को बताया कि पुत्र जन्म की कामना की जाती है इतना ही नहीं कन्या जन्म के प्रति बहुत सारी मिथ्या धारणाएं बन चुकी है। जरुरत है कि समाज में बेटियों को बचाया जाए और इस दिशा में हर जागरुक व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करना होगा। आचार्य ने यह भी बताया कि उन्होंने बेटी बचाने की मुहिम को आगे बढ़ाने की दिशा में यह पहल की है लेकिन सरकारें भी पहल करती हैं लेकिन उन्हें सरकार की ओर से कोई भी प्रकार का प्रोत्साहन, अनुदान नहीं मिला है, इस बात का उन्हें दु:ख है। उन्होंने बेटी बचाओ मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने के गीत लिखा और गाया है। नवीन के अनुसार गीत के वीडियो को देश-दुनिया में फैलाने की उनकी योजना है ताकि बेटी के महत्व को नए नजरिए से समझाया जा सके। कार्यक्रम संयोजक अमित जोशी ने बताया कि  ये बेटियां नामक एलबम एक भावनात्मक लेकिन संदेशपूर्ण गीत है जिसका उद्देश्य समाज में बेटियों के महत्व को दर्शाना है। नवीन आचार्य के लिखे इस गीत में संगीत अमोल-सुमेर डांगी का है। गाने में दूसरी गायक शिवानी जोशी है। गाने की वीडियो शूटिंग लुधियाना, धर्मशाला, मोहाली, शिमला में हुई है। वीडियो निर्देशक सूरज सहवाल और संपादन डी.के.ओझा का है। सह-संपादन सतीर और मंगा ने किया है। पोस्ट-प्रोडक्शन वीरेंद्र चौपड़ा है वहीं प्रोडक्शन मैनेजर स्वर्ण सिंह, प्रोडक्शन हैड ज्योति मान है। उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो एलबम लांचिंग कार्यक्रम में युवा सारंगी वादक दिलशाद खान, गायक साहिल सोलंकी, शहजाद अली, जुबेर, तनवीर हुसैन, सुल्तान कार्यक्रम के लिए पहुंच चुके हैं। कल यानि 26 मई को बीकानेर के पुष्करणा ग्राउंड मैदान में ये कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे ।

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