Saturday, November 12, 2016

​कबीर कहे जग गाये – ‘भरोसे थारे चाले रे सत गुरु म्हारी नांव’



बीकानेर, 12 नवंबर 2016 ( मोहन थानवी ) । कबीर जो रच गए। कबीर जो कह गए । वह जन-जन की वाणी बना। आज कबीर को गाकर जग को गुंजायमान किया जा रहा है। ऐसा हो रहा है बीकानेर से चली कबीर यात्रा द्वारा।



श्रीडूंगरगढ़ में शनिवार को लोकायन संस्थान व बीकानेर पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में भंवर-नरसी-पूनम कुलरिया परिवार मूलवास के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत में अली-गली भाई के अली ने गणेश भजन व ‘भरोसे थारे चाले रे सत गुरु मारी नांव’भजन की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात जैसलमेर के लोक कलाकार महेशाराम ने ‘ऐ म्हारी हेली है’ वाणीसुनाकर श्रोताओं की वाही-वाही लूटी। इसके पश्चात कबीर प्रोजेक्ट की निर्देशिका और वाणी गायिका शबनम बिरमानी ने गोरखनाथ, लाधूनाथ, संत रायल इत्यादि संतों की वाणियों को प्रस्तुत की। दिल्ली से आये गायक कलाकार हरप्रीत सिंह ने गिटार पर कबीर के भजनों को गाया। कच्छ गुजरात से आये लोक कलाकार मावजी ने अपनी प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुगध कर दिया।इससे पहले ‘राजस्थान कबीर यात्रा : 2016’ पहुंचने पर यहां की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, पुलिस प्रशासन एवं सीएलजी सदस्यों द्वारा स्वागत किया गया। यात्रा के स्वागत के जन सैलाब उमड़ पड़ा और बैण्ड बाजों एवं पुष्प वर्षा के साथ यात्रा एक जुलूस के रूप में पूराने बस स्टैण्ड पहुंची। यह जुलूस स्टेशन रोड़, मुख्य बाजार, पुस्तकालय, गांधी पार्क होते हुए निर्धारित स्थल पर पहुंची। इसमें उपअधीक्षक जगदीश बोहरा, थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई, लायन महावीर स्वामी, सलीम बहेलिया, विमल भाटी, अबू मण्डेलिया सहित बड़ी तादाद में लागे शामिल हुए।

सायं 7 बजे पुराना बस स्टैण्ड पर राजस्थान कबीर यात्रा का कार्यक्रम शुरू हुआ जिसमें श्रीडूंगरगढ़ विधायक किशनाराम नाई, बीकानेर शहर भाजपा अध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, बीकानेर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर, ताराचंद सारस्वत, जगदीश बोहरा उपअधीक्षक, विष्णुदत्त विश्नोई थानाधिकारी, सोहनलाल ओझा, श्याम महर्षि पूर्व अध्यक्ष रा.भा.सा.सं.अ. की उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरूआत हुई।

कार्यक्रम के निदेशक गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान श्रीडंूगरगढ़ विधायक किशनाराम नाई, बीकानेर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर व कबीर यात्रा निदेशक गोपाल सिंह ने सभी यात्रीयों की और से कलाकारों का साफा व शॉल से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित ने किया। यात्रा देर रात को श्रीडूंगरगढ़ से राववाला के लिए रवाना हुई।

Saturday, October 22, 2016

बच्चों की हूटिंग पर बड़े खेलते रहे; दीपों की झिलमिल में झूम उठा संसार



बीकानेर; 22 अक्टूबर। अंत्योदय नगर स्थित रमेश इंग्लिश स्कूल आर.ई.एस. में पूरा दिन अभिभावक खुशी खुशी इधर से उधर भागते; कूदते-फांदते दिखे। वजह थी बच्चों की हूटिंग। दरअसल स्कूल में अभिभावकों की खेल प्रतियोगिता में  बच्चे ’’मम्मी दौ़ड़’ ’’मम्मी मिल्खा, मम्मी मिल्खा’’ आदि कहते हूटिंग कर रहे थे।

 प्रतिभागी अभिभावक माताओं ने व्यक्तित्व प्रतियोगिता में जहां प्रचलित राजस्थानी व फिल्मी गीतों के मुखड़े व भजनों के साथ लघु कैटवाक कर स्वयं आनंद लिया वहीं बच्चों व उपस्थित शिक्षिकाओं का मनोरंजन किया।

यह हुआ स्कूल में  तीन दिवसीय खेल व दीपावली महोत्सव के तहत।इस मौके पर सभी ने एक दूसरे को दीपोत्सव की शुभकामनाओं दी।

      अभिभावक माताओं की म्यूजिकल चैयर, सूई धागा पिरोने, नीम्बू व बोरा दौड़ तथा भारतीय संस्कृति अनुसार प्रतिभा प्रदर्शन प्रतियोगिताओं में करीब 200 से अधिक विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने अपनी पारम्परिक पोशाक में हिस्सा लिया।

ये हैं विजेता :-
      शाला प्राचार्या वीना शर्मा ने बताया कि बच्चों की टेबल टेनिस स्पर्द्धा में सुब्रतो हर्ष, शतरंज में भारत व्यास, धीमी साइकलिंग में लीजा व मनीष, बोरा दौड़ में पुखराज, व प्रियांशी अव्वल रही। खो-खो, क्रिकेट, कबड्डी आदि की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई।

      अभिभावक माताओं की म्यूजिकल चैयर प्रतियोगिता में सुबोध कंवर व मैना चांडक अव्वल रहीं वहीं नीम्बू दौड़ में संतोष ढाल, सुई धागा स्पर्द्धा में सीमा चौधरी व बोरा दौड़ में शमाकांता ने पहला स्थान प्राप्त किया।

झूम उठा संसार :-
 प्रतियोगिताओं के दौरान ’’हवन कुंड मस्तो का झुंड’, ’’मोहे तू रंग दे बसंती’’, होलिया में उ़ड़े गुलाल’’ आदि गीतों पर अभिभावक माताओं ने नृत्य कर बच्चों का मन मोह लिया। पूरा परिसर झूम उठा।

इनका रहा नेतृत्व:-
      प्रतियोगिताए शगुन पांडे, के निर्देशन में सुधांशु कश्यप के नेतृत्व में आयोजित की गई।  स्कूल प्रबंध कमेटी के अमिताभ हर्ष ने आभार व्यक्त किया।  प्रतियोगिताओं के समापन पर आतिशबाजी कर दीपावली की शुभकामनाएं दी। स्कूल में सोमवार से 3 नवम्बर 2016 तक दीपावली अवकाश रहेगा।
- मोहन थानवी


Friday, October 14, 2016

पायलट ने कहा, महलों की सरकार, झोंपड़ी अंधेरे में


पायलट ने कहा, महलों की सरकार, झोंपड़ी अंधेरे में




बीकानेर ( मोहन थानवी )। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यसमिति की बैठक बीकानेर में आयोजित हुई जिसमें प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत, अध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर लाल डूडी सहित कांग्रेस नेताओं ने हवा को कांग्रेस के पक्ष में माना। साथ ही विधानसभा चुनाव मिशन 2018 के मद्देनजर कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहते हुए एकजुट होकर चुनावी तैयारियों को अंजाम देने का आह्वान किया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जनता परेशान है, बीजेपी की जमीन खिसकी है। इन मुद्दों को लेकर बाद में हुए खुले सत्र में पदाधिकारी-नेताओं से मिले सुझावों के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को पारित किया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने बीजेपी सरकार पर 37 प्रतिशत तक मूल्य वृद्धि के लिए पूरी तरह जिम्मेदार बताया है। उन्होंने बिगड़ती कानून व्यवस्था, किसानों की बदहाली, 18 हजार स्कूलों के बंद करने से वहां कार्यरत बड़ी संख्या में युवाओं के बेरोजगार हो जाने के प्रति जिम्मेवार बताते हुए शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गरीब किसान पर्याप्त बिजली को तरसता है मगर सरकार महलों के प्रकरणों में मशगूल है। पायलट ने शुक्रवार को यहां पार्क पैराडाइज में प्र्रेस कान्फ्रेन्स के दौरान सरकार को हर क्षेत्र में विफल बताते हुए कहा कि तीन साल में मंत्रिमंडल का फेरबदल तक यह सरकार पूरा नहीं कर सकी। दलित वर्ग का कोई प्रतिनिधि कैबिनेट स्तर पर नहीं है। पश्चिमी राजस्थान का किसान के लिए चार समूह में नहरी पानी का मुद्दा भी उन्होंने रेखांकित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोची समझी रणनीति के तहत दलितों को दबाया जा रहा है। बीजेपी सरकार राम मंदिर जैसे मुद्दों को चलाए रखना चाहती है। बीजेपी सरकार अपराध नियंत्रण में नाकामयाब रही है। प्रेस कान्फ्रेन्स को नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर लाल डूडी ने संबोधित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए विधानसभा में आवाज उठाई जाएगी।
बैठक एवं प्रेस कान्फ्रेन्स के दौरान कांग्रेस के तमाम पदाधिकारी, दिग्गज नेता मौजूद रहे।


गांधी टोपी का आकर्षण, नेता-कार्यकर्ता बराबर


बीकानेर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक के दौरान गांधी टोपी के कारण एकबारगी नेता-कार्यकर्ता एक धागे में पिरोई माला के समान नजर आए। हुआ यूं कि गांधी टोपी धारण किए हुए सचिन पायलट बैठक कक्ष में जाने को हुए तो वहां सेवा में जुटे एक कार्यकर्ता ने बांह से पकड़ कर उन्हें एक ओर कर दिया। सेवा में लगा कार्यकर्ता का कहना था कि वह गांधी टोपी में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को पहचान न सका। इस अवसर पर पायलट के साथ प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत, सह प्रभारी इरशाद बेग, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा चंद्रभान आदि वरिष्ठ नेता भी बैठक में भाग लेने कक्ष में जा रहे थे। लेकिन पायलट स्वयं शांत-सहज रहे व उन्होंने इस क्रिया को सहज बताया तथा संबंधित कार्यकर्ता को भी इस बाबत कुछ नहीं कहा। - मोहन थानवी

Thursday, October 13, 2016

बीडीओ साहब को मौके पर भेजो और वस्तुस्थिति से मुझे अवगत करवाओ

बीडीओ साहब को मौके पर भेजो और वस्तुस्थिति से मुझे अवगत करवाओ

नोखा में पुलिस ने की भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई

नोखा में पुलिस ने की भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई

अमित शाह 16 अक्टूबर को वैश्य समुदाय केकार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे



अमित शाह 16 अक्टूबर को वैश्य समुदाय केकार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे

 बीकानेर। 13 अक्टूबर : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 16 अक्टूबर को हरियाणा में आयोजित वैश्यसमुदाय के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस आयोजन में वैश्य समुदाय से जुड़े कईजातियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों के विभिन्न राजनीतिक दलों के वैश्य समुदाय के 29 सांसद व 111 विधायकोंको भी 15-16 अक्टूबर को अग्रोहा विकास ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है, । इसकार्यक्रम का आयोजन राज्यसभा सांसद और मीडिया जगत के डॉ. सुभाष चंद्रा ने किया है। इस साल ये एक विशेष आयोजन है जिसमें कई ओबीसी जातियों को 10,0000 की उपस्थिति में ‘वैश्य’सरनेम दिया जाएगा।



शरद पूर्णिमा पर विगत 34 साल से अग्रोहा में एक समागम का आयोजन किया जाता है।



डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने ट्वीट में कहा है कि “हमने 16 अक्टूबर को एक आम सभा का भी आयोजन कियाहै जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को मख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है, इससभा की अध्यक्षता की जिम्मेदारी मैं (डॉ. सुभाष चंद्रा) निभा रहा हूँ।







अमित शाह 16 अक्टूबर को वैश्य समुदाय केकार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे

शुक्र का वृश्चिक में गोचर : होगा शुभ

शुक्र का वृश्चिक में गोचर : होगा शुभ

Wednesday, October 12, 2016

एसपी ने की थानों की बागडोर में कसावट



एसपी ने की थानों की बागडोर में कसावट
बीकानेर ।
पुलिस विभाग बीकानेर में कुछ पुलिस निरीक्षकों व उप निरीक्षकों को नवीन जिम्मेदारियां सौंपते हुए स्थानांतरित किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीपसिंह कपूर ने अपने जारी किए आदेश में चार सीआई, 17 एसआई और 15 एएसआई की अदला-बदली की है।
उन्होंने सीआई ऋिषिराज सिंह को पुुलिस लाइन से संचित निरीक्षक पुलिस लाइन बीकानेर, धर्मसिंह मीणा को पुलिस परामर्श एवं सहायता केन्द्र, मोहम्मद अनवर को प्रभारी विशेष अनुसंधान प्रकोष्ठ एवं सीआई धरमचंद पूनिया को महिला अपराध निवारण प्रकोष्ठ प्रभारी का दायित्व प्रदान किया है।
इसके अलावा एसआई अनिल कुमार को नोखा से देशनोक थाना प्रभारी, सुरेन्द्र को कोटगेट से दंतौर थानाधिकारी, जयसिंह को पुलिस लाइन से नोखा, रघुवीरसिंह को पुलिस लाइन से श्रीडूंगरगढ़, वेदपाल को पुलिस लाइन से मुक्ताप्रसाद पुलिस चौकी, सांवरमल को पुलिस लाइन से नोखा, जसवीर कुमार को पुलिस लाइन से नोखा पुलिस चौकी, आनंद मिश्रा को पुलिस लाइन से पुलिस चौकी बीछवाल थाना, जगदीश सिंह को पुलिस लाइन से नयाशहर थाना, शंकरलाल पुलिस लाइन से सदर, गुरवरणसिंह पुलिस लाइन से महाजन, समरवीर सिंह पुलिस लाइन से कोटगेट, सरेन्द्र कुमार को पुलिस लाइन से जेएनवीसी थाना, नंदकुमार को पुलिस लाइन से महिला थाना, अशोक बिश्नोई को पुलिस लाइन से जिला विशेष शाखा, शुभकरण को पुलिस लाइन से पुलिस नियंत्रण कक्ष, महेश कुमार को पुलिस लाइन से यातायात थाना की जिम्मेदारी दी है।

15 एएसआई बदले
इसके आलावा पुलिस अधीक्षक डॉ. कपूर ने 15 एएसआई काे इधर-उधर  किया है। आदेश के अनुसार एएसआई जीवराज को गोगागेट पुलिस चौकी कोतवाली से छत्तरगढ़, रामसिंह को नोखा से गोगागेट पुलिस चौकी कोतवाली, हेतराम को जेएनवीसी से पूगल, अब्दुल सत्तार को पुलिस लाइन से पूगल, राजेश कुमार सदर से जेएनवीसी थाना, बजरंगलाल मीणा को पुलि लाइन से नोखा, लालचंद को पुलिस लाइन से नोखा, संत कुमार पुलिस लाइन से जेएनवीसी, जगदेव को पुलिस लाइन से कोटगेट, मनीराम को लूणकरणसर से बज्जू, ब्रह्मप्रकाश को बज्जू से पुलिस चौकी बड़ाबाजार कोतवाली, महेश कुमार पुलिस लाइन से कोटगेट, बलवंतराय को अपराध शाखा से पीबीएम चौकी सदर थाना, अमीचंदं को पुलिस लाइन से जिला विशेष शाखा और नारायणराम को पुलिस चौकी बड़ाबाजार कोतवाली से यातायात थाने में पदस्थापित किया गया है। इसके अलावा 11 हैड कांस्टेबलों 53 पुलिस कांस्टेबलों को जिले विभिन्न थानों, पुलिस चौकियों एवं कार्यालय में भेजा गया है।

इससे इतर; गंगाशहर एसएचओ के पद पर अमरजीत चावला कायम रहेंगे। इस संबंध में बीकानेर रेंज पुलिस महानिरीक्षक बिपिन कुमार पाण्डेय ने आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार दो दिन पूर्व पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार गंगाशहर थाना प्रभारी अमरजीत चावला का स्थानांतरण श्रीगंगानगर किया गया था। इन आदेशों को निरस्त कर दिया गया। नए आदेश के अनुसार अमरजीत चावला गंगाशहर में एसएचओ के पद पर बने रहेंगे।

10 निरीक्षकों का थाना/जिला बदला
रेंज पुलिस महानिरीक्षक बिपिन कुमार पाण्डेय ने आदेश जारी कर चार उप निरीक्षकों को ट्रांसफर कर जिला बदला है। आदेश के मुताबिक सुरेन्द्र कुमार को बीकानेर से श्रीगंगानगर, कुलदीप सिंह को बीकानेर से चूरू, पुरुषोत्तम को श्रीगंगानगर से बीकानेर, मुख्तयार सिंह को हनुमानगढ़ से बीकानेर स्थानांतरित किया है।
इसके अतिरिक्त अमित कुमार को बीकानेर से चूरू, ज्योति नायक को बीकानेर से श्रीगंगानगर, दिनेश सहारण को श्रीगंगानगर से हनुमानगढ़, किशनलाल को हनुमानगढ़ से चूरू, महेश कुमार को हनुमानगढ़ से बीकानेर, रमेश को श्रीगंगानगर से चूरू भेज गया है।

थानों की बागडोर बदली

थानों की बागडोर बदली

Saturday, September 3, 2016

राजस्थानी डाइजेस्ट: बुलाकी शर्मा का राजस्थानी कहानी संग्रह “मरदजात अर ...

सात तालों में बंद चेहरों का आईना

० मोहन थानवी, बीकानेर

चार दशक से साहित्य के वृहद केनवास पर अहसास और अनुभवों को शब्दाकार देने वाले कथाकार, व्यंग्यकार, नाटककार बुलाकी शर्मा की कृति “मरदजात अर दूजी कहाणियां” के पात्र अंतर-आत्मा के भी अंतःस्थल को सामने ले आते हैं। कहानियों में समाज और परिवेश के वे पहलू भी रेखांकित होते जाते हैं जो राजस्थानी कहानियों में अब तक प्रायः ओझल रहे हैं। ऐसा शिल्प कवि-मन उकेर सकता है। बुलाकी जी काव्य-विधा को गूढ़ और स्वयं के लिए असाध्य मानते हैं। लेकिन उन्होंने कविताएं लिखी भी हैं, जिन्हें वे कविता नहीं मानते व कहते हैं इसलिए पाठकों तक नहीं पहुंचाई। बुलाकी जी का कहानी संग्रह “मरदजात अर दूजी कहानियां” कथा-शिल्प की बेजोड़ नजीर है।

यूं राजस्थानी साहित्य जगत में कहानी का क्षेत्र विस्तृत रहा है। नई कहानी के शिल्प में कतिपय ऐसी रचनाएं भी रही हैं जिनमें लोक कथाओं के सूत्र भी मिल जाते हैं। लेकिन राजस्थानी कहानी के परंपरागत स्वरूप से इतर यदि आधुनिक राजस्थानी कहानियों के गठन और कथा-परिवेश की तारतम्यता को विगत तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जानना समझना हो तो बुलाकी जी की कहानियां इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

नवाचार बुलाकी जी की रगों में है और कहानियों में भी विविध पात्रों से इसकी पुष्टि करते हैं। संग्रह की कहानी ‘अमूझती सूझ’ के पात्रों को ही लें, मंगल, मास्टर जी और मंगल की मां के मन को मानों पाठक सहजता से पढ़ लेता है। जब कथाकार मंगल के द्वारा पटाक्षेप करवाता है, आपकी जिद कायम रही तो मुझे घर छोड़कर जाने में कोई ऐतराज नहीं। मास्टर जी भोंचक रह जाते हैं। किंतु, यहां पाठक रोमांच और रस प्राप्त करता है।

बुलाकी जी ने कथा सृजन में ऐसी सिद्धहस्तता हासिल की है कि वे नव कोंपलों के सूर्य रश्मियों से मिलन पर चमकने की प्राकृतिक प्रक्रिया की भांति शनै शनै शब्द-शब्द गुंजाते हुए पात्र-चरित्र के उस मुखड़े को सामने ला खड़ा करते हैं, जो भवन की सात कोठियों से भी आगे अंधकार में लुप्त प्रायः होता है। इसी कथ्य-जादूगरी के कारण पाठक को बुलाकी जी की रचना की प्रथम पंक्ति से ही संवेदनाओं का सागर हिलोरे मारता दिखता है और वह तिलिस्मी पात्र के साथ मानवीयता का गहरा नाता महसूसता है। शीर्षक कहानी ‘मरदजात’ में बुलाकी जी ने एक नारी पात्र के अंतरमन को इस खूबी से उकेरा है कि पाठक समूची कहानी में सुगनी के चरित्र को जानने के लिए उत्सुक रहता है। खूबी यह कि कहानी के विराम तक पहुंचते-पहुंचते सुगनी का मन खोल कर पाठकों के सामने पसर रोमांचित कर देती है। अपने मान-सम्मान के लिए दुर्गा सदृश्य सुगनी ऐसा पात्र है जिस पर बुलाकी जी चाहें तो वृहद उपन्यास लिख सकते हैं।

सामाजिक सरोकारों का निर्वहन करते हुए संग्रह की अन्य कहानियों जैसे- ‘मरम’, ‘घाव’, ‘दूजो सरूप’, ‘बर्थ डे प्रजेंट’ आदि के पात्र और परिवेश हमें अपने आसपास घटने वाले प्रकरणों की याद दिलाते हैं। यही कहानीकार बुलाकी शर्मा जी की शैली पाठक को उनकी रचनाएं पढ़ने की ललक पैदा करती हैं।

कहानी ‘मुगदी कद’ के माध्यम से बुलाकी जी बालपन से दर्द के मर्म को सामने रखते हुए कुत्ते के मुंह में दबोचे हुए कबूतर की फड़फड़ाहट का ऐसा दृश्य उकेरते हैं और सवाल उठाते हैं, कि मुक्ति कब।/बुलाकी जी सफल नाटककार हैं। संग्रह की कहानियों में नाटकीयता की तुलना में यथार्थ अधिक प्रखरता से सामने आया है। सर्वाधिक उल्लेखनीय बात यह है कि कहानियों में प्रस्तुत चरित्र मुखौटा उतारे हुए और अपने मूल चेहरों को लिए इन कहानियों में देखाई देते हैं। यही बुलाकी जी की लेखनी की श्रेष्ठता और सफलता है।



राजस्थानी डाइजेस्ट: बुलाकी शर्मा का राजस्थानी कहानी संग्रह “मरदजात अर ...: पुस्तक : मरदजात अर दूजी कहाणियां / विधा : कहानी/ कहानीकार : बुलाकी शर्मा / संस्करण : 2013, प्रथम / पृष्ठ : 88, मूल्य : 150/- प्रकाशक : ऋ...

Monday, August 22, 2016

Bhagwan Atlani

https://youtu.be/-SGcTuFC2ek

बीकानेर में सागर संगीतालय का उद्धाटन 21/8/16

https://youtu.be/o5p7D2THsVg

Hum

बीकानेर। विश्वास वाचनालय में 1995 की प्रकाशित सहेजी नाट्य पुस्तक; जिसे बाद में लेखक मधु आचार्य को भें किया। यह उनकी अनुपलब्ध कृति है।

Sunday, August 21, 2016

पुस्तक मित्र

Gift :-- Book's from Respected Sahityakar Dr Neeraj Daiya & Vyangyakar Bulaki Sharma
:- on my Retirement 8/7/2016 At my house.