Thursday, November 1, 2012

पढ़ने वाले आगे निकल गए ... पढ़ाने वाले पीछे रह गए

sindhi novel Kartar singh by mohan thanvi 

महंगाई सज संवर कर बाज़ार पहुंची
बाकी सब पीछे हट गए
भ्रष्टाचार  की बोली में
कुछ लोगों के जेब कटे जूते  फट गए
पुलिस काबू  पा न सकी...
चीखों से सरकार के कान फट गए
महंगाई मिस वर्ल्ड हुई
राजा - भ्रष्टाचारी  कुर्सियों पर जुट  गए
पढ़ने वाले आगे आगे आगे और आगे निकल गए ...
पढ़ाने वाले देखो हाय ... कितना  पीछे रह गए